Friday, 7 June 2024

दिल

दिल कोई चीज नहीं 
एक एहसास है 
इसे किसी को नहीं दे 
इसे उसी को देना है
जो इसकी हिफाजत कर सके
संभाल कर रख सके
सम्मान और प्रेम दे 
अपने से दूर न होने दे 
अपने दिल में रख सके 
दिल उसी से मिले 
उसी को मिले 
जो उसके दिल में हो 

Thursday, 6 June 2024

हम राम को लाए हैं

हम राम को लाए हैं 
राम की तो सारी धरती
रोम रोम में राम समाएं 
राम को कोई क्या लाएगा 
यह अहम् कहाँ से आ गया 
राम किसी एक के नहीं 
राम तो सबके हैं 
यह आज राम ने संदेश दिया है 
जबरदस्ती किसी के दिलों पर अधिकार नहीं किया जाता
राम जैसा बनना पड़ेगा
शबरी के जूठे बेर खाने पड़ेगे 
उसके प्रेम का मान रखना पड़ेगा 
निशाद राज को गले लगाना पड़ेगा 
जटायु को पिता का दर्जा देना पड़ेगा 
विस्थापित सुग्रीव और विभिषण की मदद करना 
महा बलशाली रावण से युद्ध ठान लेना 
माता कैकयी के प्रति भी मन में आदर होगा 
अपने दुश्मन को भी गुरू मान शिक्षा लेने के लिए छोटे भाई को भेजना
सर नहीं पैरों के सामने खड़े होकर 
एक अदने से धोबी के कहने पर जानकी को वन गमन करा देना 
अपनी प्राणप्रिया से ऊपर जनता जनार्दन को सर्वोपरि समझना 
घमंड का अंश लेशमात्र ही नहीं 
ऐसे थे हमारे प्रभु राम 
गांधी जी ऐसे ही नहीं गाते थे
रघु पति राघव राजा राम 
पतित पावन सीताराम 
ईश्वर अल्ला तेरो नाम 
सबको सम्मति दे भगवान 

Wednesday, 5 June 2024

जिंदगी एक सफर है सुहाना

चला था मैं सफर में 
बहुत कुछ मिला 
बहुत कुछ छूटा 
मंजिल पर पहुंचना था 
मैं चलता गया 
कभी धीरे कभी तेज 
कभी लगा 
रूक जाओ 
बस अब नहीं 
रूकना हुआ नहीं 
मन से बेमन से 
कभी हंसकर 
कभी उदास होकर 
चलता ही रहा चलता ही रहा 
हारा नहीं न बैठा 
मंजिल करीब दिख रही है 
थोडा-सा जोश आया है 
क्या होगा 
कह नहीं सकता 
चलूंग जरूर पहुँचुगा जरूर 
वैसे यह जिंदगी का सफर है 

जिंदगी एक सफर है सुहाना 
यहाँ कल क्या होगा किसने जाना 


जनता आती है

कुर्सी किसी की बपौती नहीं है
उस पर किसको बैठाना 
किसको हटाना 
यह हमको पता है
हम आपके गुलाम नहीं है
कोई घमंड न करें 
यह जनतंत्र है 
यहाँ किसी की मनमानी नहीं चलने वाली 
आज सर पर चढ़ाया है
कल उतार देंगे 
इतिहास गवाह है
हमने किसी को बख्शा नहीं है
प्यार से गले लगाया है
धड़ाम से जमीन पर भी गिराया है 
हम अति को बर्दाश्त नहीं कर सकते 
सबको आईना दिखाया है
कोई गफलत में न रहे
हम किसी के सगे नहीं 
न कोई हमारा सगा
काम जो करें सही ढंग से 
हम भी सम्मानित करेंगे 
हम जनता हैं साहब 
जब हमें महसूस होगा 
हम कह देंगे 
उठो सिंहासन खाली करो कि जनता आती है