Saturday, 18 October 2025

मृत्यु

मृत्यु जीवन का सत्य
इसको नकारा नहीं जा सकता 
एक समय आता है 
मृत्यु की कामना की जाती है 
और वह आती नहीं 
प्रार्थना की जाती है 
अमर होना कोई नहीं चाहता 
प्रकृति के विरोध में जाकर कोई मतलब नहीं 
इतिहास भरा पड़ा है 
ऐसे उदाहरण से 
भीष्म को भी इच्छा से मृत्यु स्वीकार करना पड़ा 
सबसे बड़ी विडंबना यह है 
यह कभी भी आती है 
असमय समय आकर जीवन उद्धवस्त कर डालती है 
जिस घर से जवान जाता है 
उस घर की सारी खुशियां चली जाती है 
जाने वाला ताउम्र दुख दे जाता है 
उस घाव को भरने में सालों लग जाते हैं 
कभी-कभार तो जीवन के साथ ही 
यह बड़ी कठोर होती है 

Friday, 17 October 2025

प्रेम

जहाँ याचना करनी पड़े 
वह प्रेम नहीं होता 
इसे भीख में नहीं लेना
क्रोध - नाराजगी - उपेक्षा 
ठीक है 
वह तो होता है 
अधिकार भी होता है 
दया नहीं 
याचना नहीं 
भीख नहीं 
यहाँ सब बराबर 
न मैं न तुम 
बस हम 
इसमें ही लिपटा जीवन 

Thursday, 16 October 2025

संसार

वह कोमल पर मजबूत 
वह कठोर पर कमजोर
दिखता कुछ है कुछ 
प्रकृति की बनावट ही ऐसी है 
असमानता है 
साथ भी रहना है 
बहुत फर्क 
निभाना फिर भी है 
यही तो संसार है 

Wednesday, 15 October 2025

किताब से नाता जोड़ लो

पढना सीख लो
किताब से नाता जोड़ लो
यह वे नायाब साथी जिनका कोई नहीं सानी
बडे बडो को झुकना सिखा देती है यह
जिंदगी जीना सीखा देती है यह
बहूमूल्य होती है यह
सारे संसार को अपने में समेटती है यह
भूत ,भविष्य ,वर्तमान से अवगत कराती है यह
यह लेती नहीं देती है
ज्ञान बांटती है
लोगों को अमर कर देती है
सब कुछ अपने पन्नों में छिपा लेती है
दुख - दर्द ,भावना - संवेदना
यह सभ्यता और संस्कृति को जीवित रखती है
यह ईश्वर की नहीं मानव की अमूल्य रचना है
लेखक ,कवि और इतिहासकारों की देन हैं
वेद ,दर्शन ,धर्म से विभूषित
जिंदगी जीना सिखाने वाली
इस अमूल्य सौगात को गले लगा लो
पढना सीख लो
किताबो से नाता जोड़ लो
तुमको यह फर्श से अर्श तक पहुंचा देगी
समाज में क्रांति लाने का दम रखती है
बडे बडे को पानी पिला सकती है
यह दिखती छोटी है
पर काम बडे बडे करती है
यह किताब है
यह जीवन है
यह विश्व है
आज इससे नाता जोड़ लो
कल यह तुमको सबसे जुडवा देगी
जीवन जीना सीखा देगी
तुम्हारी दुनिया बदल देगी
पढना सीख लो
किताब से नाता जोड़ लो