Thursday, 2 July 2026

राम के घर चोरी

मेरी झोपड़ी के भाग खुलेंगे 
राजा राम घर आएगे 
झोपड़ी के भाग्य तो खुल गए 
महल बन गए 
आलिशान घर और दुकान हो गई 
जमीन के मालिक बन बैठे 
पूरे खानदान और रिश्तेदारों का भी कल्याण हो गया 
तब तो भरत थे जो अन्याय होने नहीं दिया 
कैकयी और मंथरा की साजिश को सफल होने नहीं दिया 
आज तो अंदर ही लुटेरे बैठे हैं 
हमारे राम को लूट रहे हैं 
गजनी और बाबर तो आततायी थे 
ये तो रामभक्त हैं 
देखभाल का जिम्मा इन पर हैं 
और ये ही लुटेरे - चंदाचोर 
शर्म नहीं आई 
लोगों ने अपनी जमीन बेच कर दान दिया है 
तुम अपनी जमीन बना रहे हो 
इस बार रावण को नहीं तुमको जलाना चाहिए 
विभीषण बने हो 
अपनी ही रामनगरी से विश्वासघात कर रहे हो 
कहाँ जाओगे 
हिन्दू हो ना 
कर्म का फल मिलता है 
तब डर नहीं लगा अपने भगवान से 
क्या मुंह लेकर नतमस्तक होंगे उनके समक्ष 
कौन से दंड के पात्र??
तुम्हारा निर्णय तो रामजी ही करेंगे 
होइए वही जो राम रचि राखा 
वो बख्शेगे नहीं 
दंड तो उन्होंने सबको दिया 
चाहे वह कोई भी हो 
महाबलशाली रावण हो या बालि  
अनीति और अन्याय के खिलाफ ही रहें 
मर्यादापुरुषोत्तम रहे हैं हमारे राम 
तुम लोग अपनी मर्यादा भूल गए 
राम के नाम पर चोरी 
अधम पाप है यह 

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