राम बन जाओ
क्या करें
अपना हक छोड़ दे
संन्यास धारण कर ले
राम बन भी गए
तो भरत कहाँ कोई बन पाएगा
राम तभी बना जा सकता है
जब भरत और लक्ष्मण भी हो
यहाँ तो दुर्योधन का बोलबाला है
नहीं तो नहीं
सुई के नोक बराबर भी जमीन नहीं
राम तभी बना जा सकता है
जब रावण जैसा विद्वान और भक्त हो
जिसने सीता का हरण तो किया
अशोक वाटिका में ससम्मान रखा
लंका में विभीषण भी थे
मंदोदरी भी थी
यहाँ तो सब धृतराष्ट्र बने हैं
उनका साथ दे रहे हैं
भीष्म, विदुर और द्रोणाचार्य
गलत को गलत नहीं कह सकते
बलशाली होते हुए भी
एक नारी का चीरहरण देखते रहें
तब कैसे इस युग में कोई राम बने
यहाँ तो कृष्ण जैसा बनना पड़ेगा
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