आखिर मोदी जी ने अपनी चुप्पी तोडी
ब्रिटिश संसद में प्रधानमंत्री जी का कहना कि हमारा देश गौतम बुद्ध और गॉधी का देश है
हम कभी अहिसहिष्णु नही हो सकते
सुनकर तसल्ली हुई
दोषियों पर कडी कारवाई करने की बात भी उन्होंने की
१२५करोड देशवासियों का देश पर हर घटना महत्वपूर्ण
मोदी जी विकास का प्रयास तो कर रहे हैं
और उद्योग धंधे लाने के लिए भी प्रयासरत हैं
उनके नेताओ को सोचना चाहिए जिनके उल जलूल बयानों का कितना बुरा असर पडता है
सबका साथ सबका विकास यह मोदी जी का मूलमंत्र रहा है
अभी भी समय है संभल जाय
कर्नाटक में टीपु सुल्तान विवाद जोड पकड रहा है
मोदी जी का स्वच्छता अभियान ,स्मार्ट सीटी , गंगा सफाई ,बनारस को क्वेटा की तर्ज पर बनाने की बात
अब तक के सबसे मशहुर प्रधानमंत्री
संसार में परचम फहराने वाले
बिना कारण के विवाद यह शोभा नहीं देता
मेक इन इंडिया मोदी जी का सपना पुरा हो
भारत को एक नई ऊंचाई पर ले जाय
यह भारतीय जनता है अपने नेता के पीछे खडी हो जाती है
फिर चाहे नेहरू का आधुनिक भारत का सपना हो
या इंदिरा का बॉगलादेश का निर्माण या राजीव गॉधी का इक्कीसवी सदी की बात या अटल जी का परमाणु परिक्षण या मनमोहन सिंह की अर्थव्यवस्था
आप आगे तो चलिए जनता आपके साथ चलेगी
जनता जिताती भी है और गिराती भी है
वह कभी भी अन्याय और अहिसस्णुता बरदाश्त नहीं कर सकती
यह वहीं जनता है जिसने इंदिरा गॉधी से उनकी रायबरेली की सीट पर भी हरा दिया था इमरजन्सी लगाने के कारण.
केजरीवाल जैसे नौसिखिए को दिल्ली की सत्ता पर बिठा सकती है
जुल्फिकार अली भुट्टो की फॉसी का विरोध कर सकती है जिन्होने भारत से सालोसाल लडने की बात की हो
यह भारतीय जनमानस है संस्कार है
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Thursday, 12 November 2015
असहिष्णुता पर प्रधानमंत्री मोदी जी का विचार -भारतीय जनता आपसे यही सुनना चाहती है
हमारी सुरक्षा में तैनात ये पुलिस कर्मी
त्योहारों का मौसम चल रहा है एक के बाद एक
गणेश उत्सव ,नवरात्र ,मोहर्रम ,पतेती,,दीपावली, क्रिसमस
सब बारी -बारी से
इनको सफल बनाने का जिम्मा हमारे पुलिस कर्मियों पर
क्या कभी हम सोचते हैं कि इनका भी परिवार है
बाल -बच्चे हैं
ये नहीं चाहते कि त्योहार मनाए
पर नहीं ये हमारे कारण रात -दिन काम में लगे रहते हैं
चाहे वह यातायात की व्यवस्था हो या फिर कुछ और
ऊपर से लोग उन्हें हिकारत से देखते हैं
उनके लिए न जाने कैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है
रात -दिन वे एक कर देते हैं
ड्युटी के कारण खाने-पीने का भी ठिकाना नहीं रहता
जिसका असर उनके स्वास्थ्य पर भी पडता हैं
हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि उनको सहयोग करे
कानून व्यवस्था बनाए रखने में
सम्मान की निगाह से देखे
वे जागते हैं तभी हम अपने घरों में चैन की नींद सोते हैं
आजकल पुलिस पर प्रहार करना उन्हे मारना और टोकने पर जान लेना आम बात हो गई है पुलिस को दौडा कर मारना और जानलेवा हमला ,कानून की धज्जियॉ उडाना और लोगों का तमाशबीन बने रहना खतरे की घंटी है
इसे नहीं रोका गया तो परिणाम भंयकर होगे
शुक्रियॉ बराक ओबामा साहब ,आपको भी नव वर्ष की शुभ कामना
बराक ओबामा ने अमेरिका में दीपावली की सार्वजनिक छुट्टी घोषित की है
इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं उन्होंने अमेरिका में काम करने वाले भारतीय नागरिकों का तो मान रखा ही हैं इसके अलावा वे भारतीय जो वहॉ के स्थायी नागरिक है उनकी भी भावनाओं का सम्मान किया है
आज सोच बदली है
सॉपों और सपेरों का देश कहे जाने वाले भारत के प्रति
भारत एक बडी शक्ति के रूप में उभर रहा है
उसके युवा अपना एक मुकाम बना रहे हैं
सारे विश्व की निगाहे भारत पर है
व्यापार का एक अच्छा बाजार है यह
आई टी में हमारे युवाओ को महारथ हासिल है
ओबामा का यह पहला कदम है भारतीयों की शक्ति पहचानने का
एक विशाल पावर के साथ उभरता हुआ देश
कब तक अनदेखा किया जा सकता है
उनको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
बराक ओबामा इसके लिए बधाई के पात्र हैं
और हर भारतीय उनका तहे दिल से शुक्रिया अदा करता है
Wednesday, 11 November 2015
पर्व और परम्परा अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के माध्यम
भारतीय समाज त्योहार मनाने के पीछे कितना दूरदर्शी है
ये त्योहार न जाने कितनो को रोजगार देने का काम करते है
कुम्हार जो मिट्टी के दिए बनाता है ,कपास किसानों के लिए ,तेल ,तिलहन इत्यादि का उपयोग
नये वस्त्र ,बरतन ,कंदील ऐसे न जाने कितनी घरेलू उत्पादन
आज भी नयी कंपनियॉ भारतीय बाजारों में अपनी पैठ बना चुकी है और कुछ पैठ बनाने की कोशिश में है
करोडो का टर्नओवर होता है इन त्योहारों में
सोनार,लोहार ,सुतार ,बुनकर जैसे सभी लोगों को रोजगार उपलब्ध होता है
सौंदर्य की सामग्री से लेकर मिट्टी और फूल ,पत्ते तक
सभी को खुश रहने का अधिकार और रोजी - रोटी का अधिकार था
आपसी भाईचारे की भावना ,प्रेम की भावना
लोगों के आपसी रिश्ते
देखा जाय तो इन त्योहारों की रचना मानव समाज की सर्वागीण विकास के लिए ही किया गया था