Wednesday, 5 February 2020

ऐसा सोचा तो न था

हम तो शांत थे
बेखबर थे
अंजान थे
इतना बडा भूचाल
इतना बड़ा तूफान
जीवन को बदल देगा
सारी कल्पना हवा कर देगा
सारे सपने तहस-नहस कर देगा
ऐसा सोचा तो न था
कभी कुछ गंभीरता से नहीं लिया
जिंदगी अपने ढर्रे पर चलती रही
हम भी खुशी खुशी उसके साथ चलते रहे
न कोई अपेक्षा
न कोई ताम झाम
जो मिला उसी में संतुष्ट हो लिए
तेरे साथ चलते रहे
आगे बढते रहे
सब कुछ ठीक ही चल रहा था
अचानक ऐसा धक्का दिया
न हम संभल पाए
न उबर पाए
बस मायूस हो सोचते रह गए
मजबूर हो ताकते रह गए
तब महसूस हुआ
हमारे हाथ में कुछ नहीं
सब किस्मत का लेख
प्रयास लाख सही
होगा तो वही
जो रेखा कहेंगी
लकीरें कहेंगी
जो खिंची जा चुकी है
तब हमारे सोचने से क्या
यह बात दिगर है
हम सोचते थे
हमारी मुट्ठी में हमारी तकदीर
पर शायद नहीं
ऐसा होगा
यह दिन भी देखना पडेगा
ऐसा सोचा तो न था

अब तो बस कर

बहुत गम दे दिए
बहुत रूला दिया
बहुत सता दिया
तू जुल्म करती रही
हम सहते रहे
अब तो बस कर
ज्यादा समय नहीं है
कब तेरा साथ छूट जाएं
वैसे भी तेरा क्या भरोसा
कब दगा दे जाए
कुछ वक्त तो खुशी से गुजारने दे
हंसने और मुस्कराने दे
सुकून से जीने दे
कितना सताएगी
कितना रूलाएगी
अभी भी जी नहीं भरा
अब तो बस कर

Tuesday, 4 February 2020

करें तो क्या करें

कुछ चले गए
साथ छोड़ गए
यादों में कैद हो गए
फिर कभी नहीं मिले
याद है पर उसका क्या
कभी खुशी कभी गम
कभी मुस्कान
कभी ऑसू
दिल तडप जाता है
क्यों रोक न पाए हम
पर वह हमारे हाथ में कहाँ ??
हम विधाता नहीं है न
जो साथ थे
आज तस्वीर में है
हर पल देखते हैं
उनका स्नेह
उनका प्यार
हमारे अपने हमें क्यों छोड़ गए
उनकी छत्रछाया से क्यों मरहूम कर गए
वे जानते थे
हम अकेले रह जाएंगे
तब भी
समझ नहीं आता
क्यों बिछुड़ना पडता है अपनों से
वे तो गए
हम तो जीकर भी मर गए
हर पल पीडा
यह तो वही जान सकता है
जिसने अपनों को खोया हो
जिंदगी चलती रही अपनी रफ्तार से
हमारा समय तो वही ठहर गया
जहाँ साथ छूट गया
इस घाव का मरहम भी तो नहीं है
टीसता है
रीसता है
पर ठीक नहीं होता
वैसे का वैसा
इतने सालों बाद भी
महसूस होता है
जैसे कल की ही बात हो
न पुरानी पडती है
न भूलती है
न जीने देती है
करें तो क्या करें

साथ मत छोड़ो

आज की हवा कुछ सर्द है
खामोश है
चल रही है हौले हौले
पर वह बात नहीं है
तब क्या बात हो गई
तुम बेगानी सी क्यों होने लगी
वह चंचलता
वह अक्खड़पन
वह डोलना
वह सरसराहट
कुछ भी तो नहीं
मुस्कान भी गायब
उदास हो
क्यों कुछ ऐसी हो
किसने कुछ कहा
कुछ कहा सुनी हुई
यह सब तो होता है
जब साथ है
तब तक ही तो पास है
दूर जाने पर कौन किसका ?
यह उदासी छोड़ो
झूमो ,नाचो ,गाओ
क्या रखा है
सब यही रह जाना है
बस याद ही बाकी रहना है
बतिया लो जी खोलकर
कह सुन लो जी भर कर
बस उदास मत हो
साथ मत छोडो