Friday, 24 December 2021

नया साल आ रहा


निरंतर माला का एक अनमोल मोती कम हो रहा
एक नया साल शुरू हो रहा
तारीख की सीढियों से दिसम्बर खिसक रहा
नववर्ष दस्तक दे रहा
बस कुछ दिन ही शेष
कुछ चेहरे जो याद बन गए
बहुत कुछ छोड़ गए
उम्र का पंछी भी आगे निकल रहा
यही जीवन-चक्र है
दूर नीला गगन
नीचे यह धरती
उनके मध्य हम
इसी की मिट्टी में जन्म
इसी में अंत में मिलन
एक - एक क्षण बादल बन कर उड जा रहे
बस अनुभव छोड़ जाते
मिलते हैं
बिछडते हैं
कुछ नए दोस्त बनते हैं
कुछ नयापन आता है
कुछ अपने जो हर वक्त  के साथी
उनका एक कर्ज हैं हम पर
स्नेह और प्यार का
वह ऐसा ही बना रहें
नया साल कुछ और सौगात लेकर आए
सबकी झोली खुशियों से भर जाएं


ऐ जिंदगी

तुमने नाच नचाया
जैसा चाहा वैसा
तुमने इंतजार  करवाया
जितना वक्त चाहिए था उससे ज्यादा लिया
हम इंतजार करते रहें
नाचते रहें
उसका क्या सिला मिला
तुमने जो कुछ दिया तो उसके एवज में बहुत कुछ लिया
ऐसे ही सब बीत गया
हमारा खाली हाथ रीता ही रह गया
अब भी तुम्हारा वही हाल
क्या दुश्मनी है हमसे
जो तुम चुन चुनकर बदला ले रही हो
माना गलती की है
कब तक उस गलती की सजा दोगी
कब मुझ पर मेहरबान होंगी
अब भी आस है
वह तब तक जब तक सांस है
तब रहम कर ऐ जिंदगी

Thursday, 23 December 2021

आ रहा नया साल

आ रहा नया साल
कुछ सौगात लेकर
कुछ सपने अपने कुछ अपनों के
पूरा करने
हर साल एक नयी उम्मीद
एक नयी आशा
जो गया उसका भी शुक्रिया
बहुत कुछ देकर गया है
आने वाला का भी स्वागत
जो रह गया है
वह इस साल पूरा हो
उम्मीद पर तो ही संसार है
बहुत कुछ अपेक्षा है जीवन से
वक्त से
वक्त थमता तो नहीं है
आगे ही बढता जाता है
कुछ यादें छोड़ जाता है
कुछ खट्टा कुछ मीठी
इसी से तो जिंदगी भी चलती है
स्वागत करने को पूरे तैयार है
मन से ।

Wednesday, 22 December 2021

यह चांद

यह चांद मुझे बहुत प्यारा है
बहुत खूबसूरत है
मैं उस तक पहुंचना चाहता हूँ
पहुँच नहीं  पाता
कोशिश करता हूँ
उसे छूने की
उसके पास पहुंचने की
हर बार असफल हो जाता हूँ
समझ गया हूँ
मुझमें और उसमें बहुत अंतर है
मैं जमीन पर वह आसमान में
यह असमानता की दूरी जो है
जो पास नहीं आने देती
पहुँचने नहीं देती
बस दूर से देखता हूँ
खुश हो जाता हूँ
बस यह हमेशा इसी तरह रहें
यही कामना करता हूँ।