Sunday, 27 January 2019

यह जीवन है भाई

फूलों की तरह मुस्कराना है
गाने की तरह गुनगुनाना है
पक्षियों की तरह चहचहाना है
संगीत के तारों की तरह झनझनाना है
हवा की तरह चलायमान होना है
नदियों की तरह बहना है
पर्वत की तरह अचल रहना है
पेडों की तरह देना है
झरने की तरह कलकलाना है
सूर्य की तरह रोशन होना है
चांद की तरह शीतलता फैलाना है
सागर की तरह सीमा मे रहना है
बच्चों की तरह भोला बनना है
यह जीवन है भाई
जो भी है
जैसा भी है
बस हंसकर गुजारना है
यह अनमोल है
पता नहीं फिर मिले या न मिले
अगले जनम की छोड़ो
यही जी भर कर जी लो
खुद खुश रहो
खुशियाँ बांटो
जीवन को हर अदा मे जीना है.

Saturday, 26 January 2019

रात्रि

रात्रि की नीरवता
सब शांत
कहीं आवाज नहीं
हवा चले
पत्ता खडके
उसकी भी ध्वनि
यही ध्वनि दिन मे महसूस नहीं
आवाज ही आवाज
गाड़ी या पदचाप
यहाँ तक कि बातचीत भी
सब शोरगुल मे गुम
रात्रि एहसास है
दिवस गति है
दिन भर की गतिविधि का
रात को आभास
शांति मे सोचते हैं
हल खोजता हैं
सूबह क्रियान्वयन होता है
रात ही से दिन है

नशा

नशा तो नशा ही होता है
चाहे वह किसी भी चीज का हो
मादक पदार्थों का हो
शराब का हो
तम्बाकू का हो
फिल्मों का हो
टेलीविजन का हो
मोबाइल का हो
प्यार का हो
व्यक्ति को अपना गुलाम बना लेता है
उसके जीवन को अपने ढंग से चलाने लगता है
वह आदी हो जाता है
उसे अपना भान नहीं होता
जीवन नशे की गिरफ्त में
उसी के इर्दगिर्द
सोचने समझने की गुंजाइश नहीं
जीवन नशा नहीं है
उसका गुलाम न बने
अति तो कोई भी ठीक नहीं

जय हिन्द जय हिन्दुस्तान

अपनी देशभक्ति का प्रमाण देना पड़े
माता हमें प्रिय है
आदरणीय है
हम  इसी देश के वासी है
इसीकी मिट्टी मे खेले - कूदे बड़े हुए
हमारे पूर्वजों की स्मृतियाँ है
अपनी जान दी है
खून से सींचा है
आजाद करवाया है
यही हमारा अपना वतन है
किसी की हिमाकत नहीं
हमें शक की नजर से देखे
हम हिंदूस्तानी है
हम भारतवासी है
इसका हमें गर्व है
इसी मे जीएंगे और मरेंगे
वतन हमारा है
उसकी हिफाजत भी जी जान से करेंगे
यह हर एक नागरिक का
अपने देश से वादा है
नहीं कोई गैर
यहाँ का हर वासी अपना है
झंडा फहराया है
वादा भी है
एक ही शब्द याद रखना है
    जय हिन्द
जय हिन्दुस्तान