Tuesday, 2 March 2021

तब शायद यह नहीं होता

यदि पूछा जाता महारानी कैकयी से
अब भी राज्य चाहिए क्या अपने भरत के लिए
जिस कारण पूरी अयोध्या ही सूनी हो गई
पति को खोना
बेटे को संन्यासी
हमेशा के लिए कलंकित
तब शायद वह नहीं कहती

यदि सत्यवती के पिता को पूछा जाता
क्या अब भी अपनी बेटी के पुत्र के लिए राज्य चाहिए
भीष्म का अधिकार छीन कर
आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन के लिए मजबूर
तब वह शायद नहीं कहते

यदि धृतराष्ट्र को पता होता
जिस हस्तिनापुर का राज्य वे चाहते हैं
अपने सौ पुत्रों की मृत्यु पर
तब वह दुर्योधन को यह करने ही नहीं देते

इतिहास साक्षी है
राज्य और राजगद्दी हासिल करने के लिए
न जाने कितने अन्याय हुए
अगर परिणाम पता होता
तब शायद यह नहीं होता

तूफान तो गुजर गया

तूफान तो गुजर गया
न जाने पीछे क्या - क्या छोड़ गया
वह तो कुछ पल का था
जाते - जाते जिंदगी बदल गया
न जाने कितने उजड गए
न जाने कितने बर्बाद हो गए
जिंदगी बदल गई
बरसों से जो सहेजा था
वह पल भर में खत्म हो गया
आसमान से जमी पर ला पटक दिया
यह हमेशा रहें
यह जरूरी नहीं
फिर से उठ खडे हो सकते हैं
होते भी है
पर उसमें पीढियाँ गुजर जाती है
पहले का संचित सब खत्म
उस पीढ़ी का किया धरा सब मिट गया
तूफान की विभिषका से  सब खत्म हो गई

तूफान , तूफान ही होता है
मौसम का हो
जीवन का हो
सब कुछ बदल देता है
संवारने में
खडे होने में फिर प्रयास
वह इतना आसान नहीं
फिर जीवन बनाने में एक युग
तब भी वह पहले जैसा हो जाएं
यह कोई जरूरी नहीं

केवल अंक ही योग्यता का मापदंड नहीं

जापान  में परीक्षा से पहले प्रिंसिपल ने बच्चों के पैरेंट्स को एक लेटर भेजा जिसका हिन्दी अनुवाद इस प्रकार है :-

"डियर पैरेंट्स,
मैं जानता हूं आप इसको लेकर बहुत बेचैन हैं कि आपका बेटा इम्तिहान में अच्छा प्रदर्शन करें,

लेकिन ध्यान रखें कि यह बच्चे जो इम्तिहान दे रहे हैं इनमें भविष्य के अच्छे कलाकार भी हैं जिन्हें गणित समझने की बिल्कुल जरूरत नहीं,

इनमें बड़ी बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि भी बैठे हैं, जिन्हें इंग्लिश लिटरेचर और इतिहास समझने की जरूरत नहीं है,

इन बच्चों में भविष्य के बड़े-बड़े संगीतकार भी हैं जिनकी नजर में केमिस्ट्री के कम अंकों का कोई महत्व नहीं,

इन सबका इनके भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ने वाला इन बच्चों में भविष्य के एथलीट्स भी हैं जिनकी नजर में उनके मार्क्स से ज्यादा उन की फिटनेस जरूरी है|

लिहाजा अगर आपका बच्चा ज्यादा नंबर लाता है तो बहुत अच्छी बात है लेकिन अगर वह ज्यादा नंबर नहीं ला सका तो तो आप बच्चे से उसका आत्मविश्वास और उसका स्वाभिमान ना छीन ले।

अगर वह अच्छे नंबर ना ला सके तो आप उन्हें हौसला दीजिएगा की कोई बात नहीं यह एक छोटा सा इम्तिहान हैl

वह तो जिंदगी में इससे भी कुछ बड़ा करने के लिए बनाए गए हैं l

अगर वह कम मार्क्स लाते हैं तो आप उन्हें बता दें कि आप फिर भी इनसे प्यार करते हैं और आप उन्हें उन के कम अंको की वजह से जज नहीं करेंगे l

ईश्वर के लिए ऐसा ही कीजिएगा और जब आप ऐसा करेंगे फिर देखिएगा कि आपका बच्चा दुनिया भी जीत  लेगा l

एक इम्तिहान और कम नंबर आपके बच्चे से इसके सपने और इसका टैलेंट नहीं छीन सकते

और हां प्लीज ऐसा मत सोचिएगा कि इस दुनिया में सिर्फ डॉक्टर और इंजीनियर ही खुश रहते हैं

"अपने बच्चों को एक. अच्छा इंसान बनने की शिक्षा दीजिये.

केवल अंक ही बच्चों की योग्यता का मापदंड नही

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Monday, 1 March 2021

सब कुछ मुफ्त में मिलें

मैं गरीब किसान था अब नहीं
पहले मैं मेहनत करता था अब नहीं
पहले मैं कर्ज नहीं लेता था
आज तो लेता हूँ जमकर
पता है कुछ बरसों में माफ हो जाएंगा
बस अगले इलेक्शन आने तक
जब एक या दो रूपए में
गेहूं और चावल मिल रहा
तब मैं क्यों खेतों में खटू
मनरेगा में कुछ घंटे देकर
यहाँ वहाँ फावडा कुदाल चलाकर
जब कुछ पैसे मिल जाएं
तब हर्ज ही क्या है
अब मेरे पास मोटरसाइकिल  है
हाथ में मोबाईल है
यह फालतू की मेहनत कौन करें
खेती में अपना सर खफाए
इससे अच्छा सरकारी योजनाओं का लाभ ले
दो - चार महीने शहर में कुछ काम कर पैसे कमा आए
जिंदगी चलती रहेंगी
मकान के लिए
पढाई के लिए
शादी के लिए
और न जाने क्या - क्या
स्कीम है सरकार की
अब तो हम भी वहीं सरकार चुनेंगे
जो और कुछ दे
पहले वाले से ज्यादा
नेता तो शराब और कबाब तथा कुछ रुपये में टरका देते हैं
रातोरात करोड़पति बन जाते हैं
उसका कुछ
लाभ हमको भी मिले
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