मन व्यथित हो जाता है
ये क्या हो रहा है मेरे साथ
कब तक
क्या ऐसा ही चलता रहेगा
ऐसा बिल्कुल नहीं होता
पीछे मुड़कर देखने पर लगता है
और हंसी आती है
यह भी बीत गया
कैसे इतना झेल लिया
यहाँ हर तस्वीर कोरी ही मिलती है
रंग भरना हमको है
कौन सा रंग किस तरह
किसे कितनी जगह देनी है
एक ही रंग या रंग बिरंगी इन्द्रधनुषी
सत रंगों से
जीवन में हर रंग समाया
हम चित्रकार हैं
निर्भर हम पर करता है
कौन सा रंग भरें
कैसे भरें
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