Friday, 2 October 2026

हम

हम ठहरने वालों में से नहीं 
जरा किनारे कुछ पल सुस्ता लें 
उसके बाद फिर जोश से खड़े होंगे 
दरिया का सीना चीर किनारे तक पहुंच ही जाएंगे
तूफानों से घबराना हमने सीखा नहीं 
भंवर में से भी बाहर निकलना आता है 
मंजिल कितनी भी दूर हो 
पाकर ही दम लेंगे

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