सोशल मीडिया , टेलीविजन पर यह खबर दिन भर चलती रही
और भी कुछ दिन चलेगी
अखबार का पेज भरा रहा उनकी उपलब्धि पर
प्रधानमंत्री से लेकर हर छोटे - बड़े नेताओं ने शोक संवेदना प्रकट की
मुख्यमंत्री ने कांधा भी दिया
ज्यादा संख्या में लोग उपस्थित रहें
क्या नेता क्या अभिनेता क्या जनता सबने संवेदना दिखाई
वे उम्दा कलाकार तो थे ही बहुत बेहतरीन इंसान भी थे
समाज सेवा भी करते थे
किसानों और गरीब के लिए बहुत कुछ किया
उनकी आमदनी का बहुत सा हिस्सा चैरिटी में जाता था
सादा जीवन जीते थे
गांव से जुड़े थे
घमंड और तामझाम से दूर
अपनी मेहनत और संघर्ष से इस मुकाम पर पहुंचे थे
स्पष्ट और निडर वक्ता थे
यह सब गुण तो थे पर यह नहीं भूलना चाहिए
वह एक व्यक्ति भी थे
गुस्सैल थे
पत्नी से निभी नहीं
अलग रहते थे वर्षों से
यह भी कोई अनोखी बात नहीं है
पर विवाद के घेरे में रहें
उन पर दोषारोपण हुआ था अपने ही साथ कई एक कलाकार से दुर्व्यवहार करने का
उसने उस वक्त शुटिंग पर भी विरोध किया था यह सबको पता है
कुछ समय बाद उसने केस भी किया हालांकि वह इल्जाम सिद्ध नहीं हुआ
ME TOO का अभियान उसने छेड़ा था
उस समय बहुत से उसके समर्थन में आए थे
ऐसी महिलाएं जिनके साथ वर्षों पहले इससे गुजरना पड़ा था
और यह सही है
समाज में यह घर से ही शुरुआत होती है
परिवार में भी महिला सुरक्षित नहीं होती कभी-कभार
सबके सामने घूंघट निकलवाने वाले बहू का ही उसके जेठ और ससुर द्वारा शारीरिक शोषण
कार्य स्थल पर शोषण
वह कमजोर पड़ जाती है आवाज नहीं उठाती
उसको ही गलत मान लिया जाएगा इस भय से
आज उसने कहा है
Evil dead
सबको बुरा लग रहा है
मरे हुए के बारे में ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए
मृत्यु चरित्र का प्रमाण पत्र नहीं है
उसके ऊपर छींटाकसी की जा रही है
कोई सच बात नहीं जानता
जिसके साथ हुआ है वह ही जानता है
यहाँ तो भगवान कहें जाने वाले महात्मा और संन्यासी का हाल लोगों ने देखा है
अभी कुछ दिन पहले विश्व के बड़े - बड़े नेताओं का एक फाइल मे नाम आ चुका है
तो निष्कर्ष निकालना बंद करें
जो सबके लिए अच्छा हो वह
हर किसी के लिए अच्छा हो
यह जरुरी नहीं है
व्यक्तिगत कमजोरियां होती है
धुआं भी वहीं उठता है जहाँ आग जली हो