बहुत कुछ साथ लाई
एक नयी आशा
एक नया दिन
आज का भविष्य ??
ज्योतिषी की भविष्य वाणी सुनते हैं
कुछ कल्पना करते हैं
कभी खुश हो जाते हैं
कभी निराश हो जाते हैं
कर तो कुछ नहीं सकते
मन में ताना - बाना बुनते हैं
यह भलीभाँति जानते हुए
यह सब जरुरी नहीं कि
सच हो
मन को समझाते हैं
उपाय में विश्वास नहीं
बस सुनना है
अगले दिन फिर सुबह
टेलीविजन के सामने बैठ जाना है
आज का दिन कैसा जाएगा
यही मानव मन है
वह भविष्य जानना चाहता है
वर्तमान को छोड़ उसमें उलझा रहता है
उसके अपने वश में कुछ नहीं
सब ऊपर वाले के हाथ में
हाथ की लकीरे तो बदलती नहीं है ना
जो लिख दिया है वह तो हैं
फिर भी मन को संतोष देने के लिए
शायद ईश्वर सुन ले
भाग्य को थोड़ा संवार दें
यह विश्वास तो होता है उस पर
और वो चाहे तो फिर क्या न हो
सब संभव है
भविष्य नहीं भगवान पर विश्वास करें
जो करता है हमारे भले के लिए ही
चिंता नहीं चिंतन करें
जिम्मेदार अपने को न माने
उसको माने
उसकी इच्छा के बिना तो पत्ता भी नहीं हिलता
बस आप अपना कर्म करते रहे