Tuesday, 4 August 2026

क्या बात हुई??

मैं जा रही थी 
तुमने मुझे जाने के लिए नहीं कहा था 
मैं स्वयं गई 
तुमने मुझे रूकने के लिए भी तो नहीं कहा 
पूछा भी तो नहीं 
क्यों जाना है 
क्या हुआ 
कुछ नहीं बात
कोई नहीं प्रतिक्रिया 
घर तुम्हारा था 
गलतफहमी मेरी थी 
मैंने उसे अपना माना था 
किसी और के चीज को अपना मानना 
यह तो सरासर बेवकूफी है 
हो सकता है 
तुम चाहते हो कि मैं चली जाऊ 
संकोच वश कभी बोल नहीं पाए 
इधर-उधर की बात होती रही 
मुद्दों पर बात हुई नहीं 
हंसी - मजाक में टाल दिया गया 
हर बार मजाक नहीं भाता 
जिंदगी भी मजाक करती है तब 
तब सब कुछ खत्म कर देती है 
हंसना नहीं आता 
वह ऐसा झटका देती है कि चारो खाने चित्त 
कुछ नहीं सूझता है 
सब प्लान धरा का धरा रह जाता है 
तब न तुम कुछ कह पाते हो 
न मैं कुछ कह सकती 
बस सोचते रह गए 
क्या बात हुई  ???

जीवन एक जंग है

यह पूरा का पूरा समंदर हमारा नहीं है 
यह हम भी जानते हैं तुम भी जानते हो 
रहना भी इसी में है 
सीप - मोती - हीरे - जवाहरात भी इसी में खोजना है 
हर बार हाथ में बहुमूल्य ही लगे ऐसा भी नहीं है 
कंकर - पत्थर भी रेत के कण भी हाथ लग सकते हैं 
उतरना भी इसी में है 
डूबना - उतरना भी इसी में 
किनारा भी ढूंढना और पहुंचना भी 
कहने जितना आसान नहीं 
हजारों तरह के जीव इसमें 
न जाने कब कोई हमला कर दें 
जानलेवा हो जाए 
राह में रूकावट बन जाए 
भंवर भी इसी में 
कब अपने में लपेट ले 
सब बाधा को पार कर किनारे आना है 
अच्छा तैराक बनना है 
तभी तो इस विशाल समुंदर में जीवन नैया किनारे लगेगी 
कमजोर हो डूबना नहीं है 
डूबाने को लोग तैयार बैठे हैं 
पहचानना है 
कहाँ गहरा है 
कहाँ उतरना है 
कहाँ आगे बढ़ना है 
उतरना जरूर है घबराना नहीं है 
बिना उतरे कुछ हासिल नहीं होगा 
हर बार सफलता मिले ऐसा भी संभव नहीं 
हार - जीत तो खेल है 
जीवन एक जंग है 

जिंदगी का सफर

सफर जिंदगी का सबका एक सा नहीं रहता 
किसी का समतल तो किसी का उबड़ - खाबड़ 
यह स्वयं पर नहीं होता 
भाग्य पर होता है 
आपका जन्म ईश्वर द्वारा निर्धारित है 
उसमें आप क्या कर सकते हैं 
अपना कर्म आपके हाथ में हैं 
मेरे पास क्या 
उसके पास क्या 
उसे सब कुछ मुझे नहीं 
ऐसा प्रश्न आना स्वाभाविक है 
आपके पास योग्यता है 
आपके पास गुण है हुनर है 
यह भी तो मिला है 
इसका भी धन्यवाद देना है 
आप अपने आप को मजबूत बना सकते हैं 
किसी पर निर्भर नहीं 
अपना रास्ता स्वयं पार कर सकते हैं बिना किसी के सहारे 
सबका जीवन अलग- अलग 
किसी की तुलना से क्या लाभ 
अपना जीवन सुंदर बनाना 
सफल बनाना 
यह आपके हाथ में है 
जो नहीं है उसे छोड़ दें 
जो है उसे मुठ्ठी में कसकर पकड़ लें 
सफर सुहावना बन जाएगा 

Monday, 3 August 2026

मैं और जिंदगी

आज जिंदगी मेरे सामने आ खड़ी हुई 
मैंने हंसकर कहा 
क्या हुआ 
अब क्या कहना है 
क्या सुनना है 
वह हंसने लगी 
अभी तो बहुत कुछ बाकी है मैडम 
उम्र खिसकी जा रही है 
और तू ऐसा कह रही है 
अभी कहा उम्र हुई बहुत पड़ी है 
बचपन छूटा 
जवानी छूटी 
अब तो लास्ट है 
यहाँ लास्ट- वास्ट कुछ नहीं होता 
सब फर्स्ट है 
हर दिन नया सबेरा 
हर दिन नयी आशा 
हर दिन नया कार्य 
मैं जब तक साथ हूँ तेरे 
अनवरत चलता रहेगा 
एहसान मानो मेरा 
मैं साथ चल रही हूँ 
मुझसे अलग तुम कहाँ 
मैं तुममें समाई 
देखो तो जरा 
सोचो तो जरा 
कितने काम पेंडिंग है 
अभी इतनी जल्दी एन्डिग नहीं है 
एंजॉय करो 
हंसो - मुस्कराओ 
नाचो - गाओ 
जिंदगी के साथ खुशियां मनाओ