Sunday, 21 June 2026

मेरा बाप सबसे खास

मेरा बाप सबसे खास
उसकी हर बात मुझे याद

अपने आप में रहना
ज्यादा किसी से माथाफोडी नहीं करना

न लेना न देना
मगन रहना

दोस्ती अपने बराबरी वालों से करो

जहाँ इज्जत न हो वहाँ मत जाओ

किताबों में लगे रहो
शिक्षा से बडा कोई साथी नहीं
हार नहीं मानो 
पढते रहो , फेल तो फेल
पर पढाई मत छोड़ो

अपने आप को कम मत समझो

हम जो कर सकते हैं वहीं करें
किसी से अपनी तुलना न करें

पैसा न हो तो
कोई नहीं पूछता

अपनी संतान से प्यारा और बहूमूल्य कुछ भी नहीं

ज्यादा अपेक्षा मत करो
दुख के सिवा कुछ नहीं हासिल होगा

धोखा खा लो पर
किसी को धोखा मत दो

भले सौ लोग एक तरफ हो तुम अकेले
तब भी सच झूठ नहीं हो जाता

ईमानदारी और सच्चाई के रास्ते पर चलो
बेईमानी कभी फलती नहीं है

सादा जीवन उच्च विचार

किसी के कपड़ों और सादगी से उसका मूल्यांकन मत करो

शेक्सपियर वाला वाक्य उनकी पसंद
औरत अच्छी तो स्वर्ग यही और नहीं तो नर्क यही

समाज किसी को शांति से जीने नहीं देता
क्योंकि वे समाज से एक कदम आगे रहे हमेशा
जब लोग धोती पहने तब वे पैंट पहने
जब लडकियाॅ मैट्रिक होने में ही शान समझती थी
तब बेटी को पोस्टग्रेजुएट बनाया

जब तुम आगे बढ़ते हो तो लोग
तुम्हारा पैर खींचने के लिए तैयार

व्याकरण के बिना भाषा नहीं
अंग्रेजी भाषा के कायल

लडका लडकी सब एक समान
सबसे दोस्त जैसा व्यवहार
जान से ज्यादा प्यार
बस वही उनकी दुनिया और समाज
बच्चों की बात को हंसकर टाल देना 
ऐसा मेरा बाप
बच्चों में बच्चा बन जाना
हिटलर शाही नहीं पसंद
गीता का भरपूर ज्ञान
ईश्वर में आस्था पर दिखावे से दूर

बडे बडो को देखा
बहुत इतराए
बहुत घमंड किए
और धराशायी भी हुए
नीचा दिखाने वाले स्वयं लज्जित
पर बाप जैसा था वैसा ही रहा
अंत में उन्हीं लोगों को कहते सुना
भाग्यशाली हैं कामता सिंह
कारण कि उन्होंने शिक्षा को तवज्जों दी
ज्ञान को प्रधानता दी

उनका वाक्य
जीवन में कुछ भी बेकार नहीं जाता
सागर की लहरें भी निशान छोड़ जाती है
ज्ञान की कोई पराकाष्ठा नहीं
सौ अमीर के बीच एक शिक्षित गरीब 
शान से खडा रह सकता है
सबसे बडी वही उसकी ताकत

आज का दिन क्या
हर दिन ही तुम्हारी याद

Happy  father's  day  
             मार्डन विचारों वाले मेरे बाबूजी

Saturday, 20 June 2026

मिजाज कब बदले ???

मौसम  का  मिजाज 
कब बदले 
यह कोई  नहीं  जानता
कभी-कभी  मौसम वैज्ञानिकों  की भविष्यवाणी गलत भी कभी सही भी 
आज का कहा तो आज नहीं  एक - दो दिन बाद बरखा होगी या और कुछ 
इंसान  का मिजाज कब और  क्यों ??
कहाँ  और कैसे ??
कब कहाँ पलटेगा 
यह कोई  नहीं जानता 
मुखौटा  पर मुखौटा  ओढे हुए
न जाने किस - किसकी खाल पहने हुए 
जानवर  के भेष में  इंसान 
देवता के भेष में  शैतान 
सांप जहरीला  है यह सर्वविदित  है 
इंसान  का पता नहीं  चलता
विश्वास  करना मुश्किल 
सबसे ज्यादा  धोखा अपने कहे जाने वालों  से
अपने परम मित्र  से
अपने ही परिवार जनों  से भी
तब क्या  करें??
इतिहास भी गवाह  है 
न भाई,भाई का
न बाप , बेटे का 
न बेटा ,बाप का
न पति ,पत्नी  की
यहाँ तक कि जन्म देनेवाली जननी भी ।

Thursday, 18 June 2026

साबित करना पड़ता है

नेपटोजिम कह लीजिए
भाई भतीजावाद कह लीजिए
भाषावाद कह लीजिए
जातिवाद कह लीजिए
प्रांतवाद कह लीजिए
रंगवाद कह लीजिए
यह तो हर जगह विद्यमान है
कोई इससे अछूता नहीं
न फिल्मी जगत
न राजनीति का क्षेत्र
न और कोई जगह
हाँ कहीं कम ज्यादा
पर है तो अवश्य
आज से नहीं 
बहुत पहले से
कोई नेता जब मुख्यमंत्री बनता है
तब अपनी जाति के लोगों को नौकरी की राह आसान कर देता है
कोई नेता जब प्रधानमंत्री बनता है तब अपने गृहक्षेत्र का विकास
कहीं इंटरव्यू में उन्हीं को प्रधानता जो उसी प्रांत के है
उनके भाषाभाषी है
पर लोगों ने अपना स्थान बनाया है अपनी काबिलियत से
ऊपर भी पहुंचे है
जो आपको पसंद नहीं करते उनके भी दिलों आ जगह बनाई है
यहाँ तो सबको आसानी से सब कुछ हासिल नहीं होता
वैसे तो कुछ ही भाग्यवान होते हैं
हमको तो खुद हमें साबित करना है 
हम क्या है
जब रेल में लोकल ट्रेन में धक्का मुक्की कर घुसते हैं तब कोई नहीं चाहता
आप अंदर आए
पर आप धकेल धुकुल कर अंदर आते हैं
लोगों को गुस्सा भी आता है जैसे ट्रेन उनके बाप की हो
हिकारत से देखते हैं
मजाक उड़ाते हैं
बैठने को जगह नहीं देते हैं
पर कुछ ही दिनों बाद ये आपके दोस्त बन जाते हैं
आप कहीं भी जाइए
आपका बांहे फैलाकर कोई स्वागत नहीं करेंगा
आपको बताना पडेगा
आपको समझाना पडेगा
भाई मैं ऐसा हूँ
मुझमें यह काबिलियत है
कभी-कभी सालों लग जाते हैं
कुछ समझ पाते कुछ नहीं
क्या फर्क पडता है
आप नीरमा थोड़े ही हैं जो सबकी पसंद हो
यह तो होता है
हमारे साथ भी हुआ है
आपके साथ भी हुआ होगा
कितने तो मूर्ख ही सिद्ध कर देते हैं
पर आप तो हो नहीं
कोई सीढी लगाने वाला नहीं 
खेचने को तैयार रहते हैं
कोई बात नहीं
आप अपना काम कीजिए
उनको उनका काम मुबारक

Monday, 15 June 2026

थोड़ा ठहर जाओ

थोड़ा रूक जाओ 
थोड़ा ठहर जाओ
थोड़ा इंतजार भी कर लो
जल्दबाजी क्या है
जाना तो है सबको ही
थोड़ा सोच लो
क्या बस यही एक रास्ता
इतनी मेहनत 
इतनी कामयाबी
शोहरत - दौलत भी
दिमाग बुद्धि भी
शिक्षा भी
कितनी मेहनत लगी होगी
यह सब हासिल करने में
चौंतीस साल लग गए
नष्ट करने में चौंतीस सेकंड भी नहीं
इतना स्वार्थी कैसे हो गए
बस अपनी सोचा
अपना परिवार
माता-पिता
भाई - बहन
शिक्षक - पाठशाला
दोस्त - मित्र
पडोसी - समाज
सबका हक
यह जिंदगी केवल तुम्हारी नहीं
सबकी मेहनत 
सबका प्रयास
सबकी आशा
इसे खत्म करने का हक केवल तुमको नहीं
जब मन में आए 
यह ख्याल
तब थोड़ा थमो
पीछे मुड़कर देखों
मैं नहीं तो 
उनका क्या
जिनकी जान हूँ मैं
तब उनकी जान लेने का हक तुम्हें अकेले नहीं
जीते जी उनको जीवित लाश बना देना
इससे बडा पाप कोई नहीं
न अपने लिए जीओ
अपनों के लिए तो जीओ
बहुमूल्य जीवन को इस तरह से खत्म तो न करों