Monday, 19 October 2026

आप अनमोल हो

अपने आप को कमतर समझना छोड़ दो 
किसी के लिए जिंदगी जान पर मत लगाओ 
तुम कल भी नायाब थे 
आज भी हो 
कल भी रहोगे 
उनसे पूछो 
जिनकी जिंदगी तुम हो 
जिनके जीने का मकसद हो 
जिनकी खुशी आपके इर्द-गिर्द घूमती हो 
दूसरों की बातों को तव्वजों न दें 
आप उनकी आँखों से देखो 
उनके मुख को देखो 
मत निराश हो 
जीवन बहुत अनमोल है 
उसे व्यर्थ न गंवाये 
जीकर तो देखिए 
मजा आ जाएगा 
क्या हुआ कभी ट्रेफिक में फंस गए 
कितने समय 
निकल ही जाओगे 
आपके साथ  
आपके आगे - पीछे न जाने कितने लोग होगे 
रास्ता खुल ही जाएगा 
ट्रेफिक पुलिस जो ऊपर वाला है 
वो आ जाएगा 
विश्वास रखें 
कुछ समय के लिए 
पौं पौं को सुन लें 
इधर-उधर का नजारा देख लें 
जब खुल जाए 
आगे रफ्तार से बढ़ लें 
कोई रोक ही नहीं पाएगा 

बेटा घी का लड्डू नहीं

घी का लड्डू गोल न हो टेढा ही सही
बेटा कैसा भी हो
काला नाटा मोटा
तब भी बेटा ही है
अनमोल है
तब बेटी क्यों नहीं ??
इन सबसे ज्यादा गुण मायने रखता है
रंग और बनावट नहीं
खूबसूरती को देखने का नजरिया होना चाहिए
बेटे के लिए तो कहा जाता है
राम और कृष्ण भी सांवले थे
बेटी से फिर वह अपेक्षा क्यों ??
वह नकुसा क्यों 
अनवान्टेड क्यों 
संतान तो संतान होती है
जैसी भी हो प्यारी होती है
उसको दोयम दर्जा क्यों ??
उसे एहसास होना चाहिए
वह अपने परिवार के लिए अनमोल है
उसका अस्तित्व महत्त्वपूर्ण है
लोगों की सोच कुछ भी हो
माता-पिता की सोच ऐसी न हो
उसे हेय न समझा जाए
अपने जिगर के टुकड़े को हीरा समझे 
कोयला नहीं
उसको चमकने का मौका दें
सांवले और कालापन के सोच की आग में जलने न दे
आत्मविश्वास से भरपूर ऐसा सशक्त व्यक्ति बनाएं
कि सारी खूबसूरती उसके सामने पानी भरे
दूर से देख ईर्ष्या करें
उसके जैसे बनने की कोशिश करें

Friday, 16 October 2026

जरा याद उन्हें भी कर लो

सबने राम को याद किया
रावण को याद किया
लंका विजय के भागीदार रहें 
उस युद्ध के सहयोगी  बंदर और भालू
वह कहीं गुम हो गए 
विभिषण,  कुम्भकर्ण,  मेघनाथ भी याद आए

यही तो होता है
सेहरा जीत का किसी एक के सर पर
और दूसरे गुमनामी में 
गांधी राष्ट्र पिता बनें 
उस स्वतन्त्रता की लडाई में 
न जाने कितने गुमनाम 
जिनका योगदान इतना कि
आजादी मिलती ही नहीं 
अगर वे न होते

सब भूल जाते हैं 
भूला दिए जाते हैं 
समाज हो
परिवार हो
राष्ट्र हो
कौन याद रखता है
इन नींव की ईटों को 
जिनके ऊपर यह बुलंद इमारत खडी है

Thursday, 15 October 2026

किताब से नाता जोड़ लो

पढना सीख लो
किताब से नाता जोड़ लो
यह वे नायाब साथी जिनका कोई नहीं सानी
बडे बडो को झुकना सिखा देती है यह
जिंदगी जीना सीखा देती है यह
बहूमूल्य होती है यह
सारे संसार को अपने में समेटती है यह
भूत ,भविष्य ,वर्तमान से अवगत कराती है यह
यह लेती नहीं देती है
ज्ञान बांटती है
लोगों को अमर कर देती है
सब कुछ अपने पन्नों में छिपा लेती है
दुख - दर्द ,भावना - संवेदना
यह सभ्यता और संस्कृति को जीवित रखती है
यह ईश्वर की नहीं मानव की अमूल्य रचना है
लेखक ,कवि और इतिहासकारों की देन हैं
वेद ,दर्शन ,धर्म से विभूषित
जिंदगी जीना सिखाने वाली
इस अमूल्य सौगात को गले लगा लो
पढना सीख लो
किताबो से नाता जोड़ लो
तुमको यह फर्श से अर्श तक पहुंचा देगी
समाज में क्रांति लाने का दम रखती है
बडे बडे को पानी पिला सकती है
यह दिखती छोटी है
पर काम बडे बडे करती है
यह किताब है
यह जीवन है
यह विश्व है
आज इससे नाता जोड़ लो
कल यह तुमको सबसे जुडवा देगी
जीवन जीना सीखा देगी
तुम्हारी दुनिया बदल देगी
पढना सीख लो
किताब से नाता जोड़ लो