Wednesday, 24 June 2026

भारतीय समाज

समाज की सबसे बड़ी विडंबना ब्याह करना है किसी भी तरह
बिना ब्याह के लड़का - लड़की को जीने नहीं देते शांति से 
चाहे जान चली जाए या जीवन नर्क हो जाए। शादीशुदा हो तो इज्जत है 
बदलना पड़ेगा 
विदेश की नकल करते हैं ना तो इस पर भी गौर करें 

Tuesday, 23 June 2026

आग कैसे लगी

बच्चों को खरोंच लग जाती है तो मन विचलित हो जाता है । कितने जतन करते हैं हम उन्हें बड़ा करने में । बच्चों का आग में जल जाना सब खत्म हो गया । आशा - आकांक्षा,  सपने , भविष्य और माता - पिता का स्वयं का जीवन। कैसे भूलेंगे वो । इतना दर्दनाक हादसा । क्या होगा अब गठित करने से सरकारी एंजसिया 
सब फिर भूला दिया जाएगा जब तक कि और कोई हादसा न हो 
दोष किसका । यह दुघर्टना नहीं हत्या है । दोषियों को दंड मिलेगा या राम जाने 

Sunday, 21 June 2026

मेरा बाप सबसे खास

मेरा बाप सबसे खास
उसकी हर बात मुझे याद

अपने आप में रहना
ज्यादा किसी से माथाफोडी नहीं करना

न लेना न देना
मगन रहना

दोस्ती अपने बराबरी वालों से करो

जहाँ इज्जत न हो वहाँ मत जाओ

किताबों में लगे रहो
शिक्षा से बडा कोई साथी नहीं
हार नहीं मानो 
पढते रहो , फेल तो फेल
पर पढाई मत छोड़ो

अपने आप को कम मत समझो

हम जो कर सकते हैं वहीं करें
किसी से अपनी तुलना न करें

पैसा न हो तो
कोई नहीं पूछता

अपनी संतान से प्यारा और बहूमूल्य कुछ भी नहीं

ज्यादा अपेक्षा मत करो
दुख के सिवा कुछ नहीं हासिल होगा

धोखा खा लो पर
किसी को धोखा मत दो

भले सौ लोग एक तरफ हो तुम अकेले
तब भी सच झूठ नहीं हो जाता

ईमानदारी और सच्चाई के रास्ते पर चलो
बेईमानी कभी फलती नहीं है

सादा जीवन उच्च विचार

किसी के कपड़ों और सादगी से उसका मूल्यांकन मत करो

शेक्सपियर वाला वाक्य उनकी पसंद
औरत अच्छी तो स्वर्ग यही और नहीं तो नर्क यही

समाज किसी को शांति से जीने नहीं देता
क्योंकि वे समाज से एक कदम आगे रहे हमेशा
जब लोग धोती पहने तब वे पैंट पहने
जब लडकियाॅ मैट्रिक होने में ही शान समझती थी
तब बेटी को पोस्टग्रेजुएट बनाया

जब तुम आगे बढ़ते हो तो लोग
तुम्हारा पैर खींचने के लिए तैयार

व्याकरण के बिना भाषा नहीं
अंग्रेजी भाषा के कायल

लडका लडकी सब एक समान
सबसे दोस्त जैसा व्यवहार
जान से ज्यादा प्यार
बस वही उनकी दुनिया और समाज
बच्चों की बात को हंसकर टाल देना 
ऐसा मेरा बाप
बच्चों में बच्चा बन जाना
हिटलर शाही नहीं पसंद
गीता का भरपूर ज्ञान
ईश्वर में आस्था पर दिखावे से दूर

बडे बडो को देखा
बहुत इतराए
बहुत घमंड किए
और धराशायी भी हुए
नीचा दिखाने वाले स्वयं लज्जित
पर बाप जैसा था वैसा ही रहा
अंत में उन्हीं लोगों को कहते सुना
भाग्यशाली हैं कामता सिंह
कारण कि उन्होंने शिक्षा को तवज्जों दी
ज्ञान को प्रधानता दी

उनका वाक्य
जीवन में कुछ भी बेकार नहीं जाता
सागर की लहरें भी निशान छोड़ जाती है
ज्ञान की कोई पराकाष्ठा नहीं
सौ अमीर के बीच एक शिक्षित गरीब 
शान से खडा रह सकता है
सबसे बडी वही उसकी ताकत

आज का दिन क्या
हर दिन ही तुम्हारी याद

Happy  father's  day  
             मार्डन विचारों वाले मेरे बाबूजी

Saturday, 20 June 2026

मिजाज कब बदले ???

मौसम  का  मिजाज 
कब बदले 
यह कोई  नहीं  जानता
कभी-कभी  मौसम वैज्ञानिकों  की भविष्यवाणी गलत भी कभी सही भी 
आज का कहा तो आज नहीं  एक - दो दिन बाद बरखा होगी या और कुछ 
इंसान  का मिजाज कब और  क्यों ??
कहाँ  और कैसे ??
कब कहाँ पलटेगा 
यह कोई  नहीं जानता 
मुखौटा  पर मुखौटा  ओढे हुए
न जाने किस - किसकी खाल पहने हुए 
जानवर  के भेष में  इंसान 
देवता के भेष में  शैतान 
सांप जहरीला  है यह सर्वविदित  है 
इंसान  का पता नहीं  चलता
विश्वास  करना मुश्किल 
सबसे ज्यादा  धोखा अपने कहे जाने वालों  से
अपने परम मित्र  से
अपने ही परिवार जनों  से भी
तब क्या  करें??
इतिहास भी गवाह  है 
न भाई,भाई का
न बाप , बेटे का 
न बेटा ,बाप का
न पति ,पत्नी  की
यहाँ तक कि जन्म देनेवाली जननी भी ।