Saturday, 7 November 2026

हमारे राम

वंशवाद तो हर क्षेत्र में
वह राजनीति हो या बिजनेस
स्वाभाविक है 
जिसने खडा किया है
वह अपनी संतान को देना चाहेगा
मोह तो होता ही है

राम बडे थे
राजा दशरथ का पुत्रप्रेम भी था
जो महारानी कैकयी को रास नहीं आया
अगर राम तो भरत क्यों नहीं
वनवास का रास्ता दिखा दिया
राम ने स्वेच्छा से स्वीकार भी कर लिया

यहाँ राम को अपनी योग्यता सिद्ध करनी थी
वह वन वन घूमे
साधुओं - संन्यासियो को राक्षसों के आतंक से मुक्ति दिलाई
अराजकता का अंत कर रहे थे
साथ में निषादराज और शबरी के प्रति प्रेम भी
पूरी भील जाति को
जनजातियों को अपना बना रहे थे
उपेक्षित और वंचित सुग्रीव को अधिकार दिलाने के लिए
शापित अहिल्या को उसका सम्मान दिलाया
राम वह सब कर रहे थे जो एक राजा को करना था
भरत तो अयोध्या में चरण पादुका संभाल रहे थे
राम जनता के दिल पर राज कर रहे थे
अप्रत्यक्ष रूप से राजा तो वही थे

रावण से भी दुश्मनी सीता के कारण नहीं
बल्कि पूरी नारी जाति का सम्मान वापस दिलाने के लिए
रावण वध का कारण वही था
हनुमान ,जामवंत , नल- नील 
जटायु , संपाती
ये पशु-पक्षी उनके सहायक बनें
उन्होंने किसी को तुच्छ नहीं समझा
यह राम ही थे जिन्होंने ताडका वध और शिव धनुष को तोड़ अपने पराक्रम का परिचय दिया था
माता कैकयी के प्रति नाराजगी का इजहार तक नहीं किया
कोई शिकायत नहीं उस व्यक्ति के प्रति
लोग भी प्रभावित हो रहे थे
उनके स्वभाव 
उनकी वीरता
उनकी धीरता
सराहा जा रहा था
वे केवल अयोध्या वासियों के दिलों में नहीं
पूरे भारतवर्ष में 
उत्तर से दक्षिण तक अपने को सिद्ध करने में लगे थे

राम केवल राजा ही नहीं
एक कुशल राजनीतिज्ञ भी थे
जनता की आवाज सुन कर उस प्राणप्रिया को वन भेज दिया
जिसके लिए उन्होंने महाबलशाली रावण से युद्ध ठाना
सोने की सीता बना अश्वमेध यज्ञ किया
जहाँ बताया कि जानकी अब भी उनकी जान है
बहुपत्नीत्व का परिणाम उन्होंने अपने ही घर में देखा था
पत्नी के प्रति निष्ठा फिर भी प्रजा सर्वोपरि
प्रजा की गलती का एहसास कराया पर दंड देकर नहीं
आज भी राम राज की कल्पना करने का मकसद यही है
राजतंत्र में रहते हुए
राम ने प्रजातंत्र को माना
कदम कदम पर सिद्ध किया
राजा दशरथ का उत्तराधिकारी बन कर नहीं

राजनेताओं के पुत्र राम से सीखे
अपने को काबिल बनाये
बाप की विरासत पर घमंड नहीं
खुद को खडा करें

Tuesday, 3 November 2026

दुआ है हर की

आ रहा है भैया दूज 
इंतजार है सबको 
दीपावली के एक - दो दिन बाद ही यह आता है 
रौनक बढ़ा देता है 
सभी भाई-बहन को भैयादूज की शुभकामना 
मेरा भैया तुझे लंबी उमर मिले 
सारा सुख - वैभव मिले 
तू छोटा ही सही 
है हमारे घर का चिराग 
तू पिता नहीं पर उनसे कम भी नहीं
आस है बहन की 
तेरा - मेरा प्यार बना रहे
मेरा मायका सही - सलामत रहें
यही तो दुआ रहती है हर बहन की

Sunday, 1 November 2026

सब ठीक है ???

मैं इंतजार करती आ रही हूँ 
ना जाने कब से 
कब सब ठीक होगा 
मैं इत्मीनान से कह सकूं 
अब सब ठीक है 
वह समय अब तक आया ही नहीं 
एक खत्म कि दूसरा शुरू 
जिंदगी कुछ न कुछ लेकर उपस्थित हो जाती है 
मैं फिर जुट जाती हूँ 
उनका निवारण करने 
समाधान ढूंढने 
इसी जद्दोजहद में जिंदगी आखिरी सफर पर आ गई 
वह किनारे पर खड़ी है 
मैं किनारा न पा सकी 
प्रतीक्षारत हूँ 
कब सब ठीक होगा 
कारण भी है 
मैं अकेली नहीं हूँ ना 
मुझसे कुछ लोग जुड़े हैं 
ले मेरे जीवन का अभिन्न अंग हैं 
यू कहा जा सकता है 
वे जीवन ही है मेरा 
यहाँ अकेला कोई नहीं 
आता भी कहते हैं कि अकेला आया 
कहाँ कोई अकेला आता है 
मां के नाल से गर्भ में ही जुड़ जाता है 
बाहर आकर ना जाने कितने लोगों से जुड़ता है 
बचपन से वृद्ध  तक यह क्रम जारी रहता है 
आपके पास मकान है 
आपके अपनों के पास नहीं है 
आपके पास भोजन है 
अपनों के पास भरपूर नहीं है 
आपके पास पैसा है 
अपनों के पास अभाव है 
तब आप कैसे खुश रह सकते हैं 
आपके पास ना हो 
उनके पास हो 
तब भी आप खुश रह सकते हैं 
वह हुआ ही नहीं अब तक 
तब खुश कैसे रहा जा सकता है 
ना अकेले आए 
ना अकेले जाएगे 
इंतजार में हूँ 
कब कह सकूं 
अब सब ठीक है जीवन में 

Thursday, 29 October 2026

जीने का असली मजा

अपनों के आगे झुकने से कोई छोटा नहीं होता
अडकर बैठ रहने से जीना आसान नहीं होता
मन मसोसकर प्यार दबाने की अपेक्षा जताना
दिल से दिल  मिलाना कुछ ज्यादा मुश्किल नहीं होता
रिश्तों को पास लाना  उनकी कदर करना
उस आनंद से बडा कुछ नहीं होता ।
जोड़,  गुणा, घटाना 
मान - अपमान से ऊपर उठ 
जीना सहज हो जाता है
जीने का असली मजा आ जाता है ।