सब ठीक है तो कुछ ठीक नहीं होता
कोई जब कहता है
मैं बहुत मजबूत हूँ तो वह मजबूर होता है
कोई जब कहता है
स्वास्थ्य में कोई दिक्कत नहीं है पर वह सही नहीं होता
कोई जब बहुत मुस्कराता है तो वह अंदर से रुदन कर रहा होता है
कोई जब बहुत आत्मविश्वास दिखाता है तो वह डरा हुआ होता है
कोई शक्तिमान साबित करता है अपने को तो वह कमजोर होता है
जो गरीब होता है वह शान दिखाता है
क्योकि सत्य यह है
कि जो दिखाई देता है वह होता नहीं
सबने एक मुखौटा पहन रखा है दुनिया के सामने
नहीं तो दुनिया जीने नहीं देगी
अमीर को कपड़े की परवाह नहीं गरीब को होती है
उसका मूल्यांकन उससे होता है
फैशन में पैबंद और अभाव में पैबंद
यह अलग- अलग है
यहाँ तुम्हारी कमजोरी का ढिंढोरा पीटने और विज्ञापन को लोग तैयार बैठे है
मसाला चाहिए नमक - मिर्च वे लगा लेंगे
अपने बोलने का सलीका न हो
तुम.में मीन-मेख निकाल लेंगे
हम बाहुबली
हम ही श्रेष्ठ
हमसा कोई नहीं