बच्चों को खरोंच लग जाती है तो मन विचलित हो जाता है । कितने जतन करते हैं हम उन्हें बड़ा करने में । बच्चों का आग में जल जाना सब खत्म हो गया । आशा - आकांक्षा, सपने , भविष्य और माता - पिता का स्वयं का जीवन। कैसे भूलेंगे वो । इतना दर्दनाक हादसा । क्या होगा अब गठित करने से सरकारी एंजसिया
सब फिर भूला दिया जाएगा जब तक कि और कोई हादसा न हो
दोष किसका । यह दुघर्टना नहीं हत्या है । दोषियों को दंड मिलेगा या राम जाने
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