स्वतंत्रता दिवस आ रहा है
बड़े शान से मनाते हैं हम
कोई कमी नहीं छोड़ते
एक ही दिन ही सही बलिदानियों को याद करते हैं
आजाद हैं क्या हम ??
अपनी आवाज उठाने का हक है
अधिकार प्राप्त है ??
बोलने की आजादी हैं ??
रोटी - कपड़ा - मकान सबको उपलब्ध है ??
रोजगार के साधन हैं ??
शिक्षा सबके लिए निष्पक्ष ??
भ्रष्टाचार खत्म ??
आदर्श सत्ताधारी नेता ??
दवा और अस्पताल??
सरकारी कामकाज??
और न जाने क्या - क्या ??
योग्यता की कद्र या फिर उसकी बलि पैसों के आगे
निर्भय और निडर हैं देश में ??
पुलिस और प्रशासन का कर्तव्य
लगता है ऐसा है नहीं
सब परेशान हैं
आखिर क्यों ??
क्यों लोगों को अंग्रेजी हुकूमत की याद आ रही है
अब तो जलियांवाला बाग जैसा कुछ नहीं होने वाला है ना ??
फिर लगता है
कहीं कुछ तो सही नहीं है
इस शहर में हर शख्स परेशान क्यों हैं ????