Tuesday, 9 June 2026

मत मरो

मत मरो किसी के लिए 
जीओ किसी के लिए 
किसी एक शख्स के लिए 
किसी एक असफलता के लिए 
किसी एक बात के लिए 
अपनी जिंदगी को खत्म करना 
यह तो उचित नहीं 
न जाने कितने अरमानों से तुम्हें जन्म दिया 
तुम्हारी खुशी के लिए अपनी खुशी को तवज्जों नहीं दिया 
तुम्हें आगे बढ़ते देखने के लिए न जाने क्या-कुछ त्यागा 
और तुम बस एक  
        SORRY 
कहकर चले जाते हो उनके संसार से 
उनका क्या दोष
तुम्हें ठेस पहुंची है इसलिए उनसे उनका सर्वस्व यानि तुम छीन लेना 
सोचकर देखना फिर नहीं मरोगे 
ठीक है 
मान लो अपने को मरा , जीना नहीं चाहते 
हासिल क्या होगा 
जिंदा रहे तो किसी के मुख पर तुमको देख मुस्कान होगी 
मत बनो स्वार्थी 
तुम्हारा जीवन केवल तुम्हारा नहीं है 
बड़ा करने में मेहनत लगी है 
कायर मत बनो 
तुम तो मर जाओगे 
जीते जी लोगों को जिंदा लाश कर जाओगे 
रोते छोड़ जाओगे 
उनकी खुशी छीन लोगे 
इतने बड़े पाप का भागीदार मत बनो 
ईश्वर की  कृपा पुण्यों से जीवन मिला है 
उस आत्मा को क्यों भटकाना है
दुख आते हैं 
विश्वास घात और धोखा मिलता है 
उपेक्षा और असफलता भी मिलती है 
तिरस्कार और आलोचना भी झेलनी पड़ती है 
लेकिन इतने कमजोर कि झेल न सको 
किसी को नहीं दिखाना है 
स्वयं को साबित करना है 
परिस्थितियां  बदलती है 
यहाँ कुछ स्थायी  नहीं है 
आज जिस बात पर मरने जा रहे हो 
कल हो सकता है 
अपनी बेवकूफी पर हंसी आए 
मत मरो न किसी को जिंदा जी मारो 
मत जीओ अपने लिए अपनों के लिए तो जीओ 
मर कर रुलाने की अपेक्षा जीओ 
उनके लिए 

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