Friday, 3 July 2026

जो दिखता है

कोई जब कहता है 
सब ठीक है तो कुछ ठीक नहीं होता 
कोई जब कहता है 
मैं बहुत मजबूत हूँ तो वह मजबूर होता है 
कोई जब कहता है 
स्वास्थ्य में कोई दिक्कत नहीं है पर वह सही नहीं होता 
कोई जब बहुत मुस्कराता है तो वह अंदर से रुदन कर रहा होता है 
कोई जब बहुत आत्मविश्वास दिखाता है तो वह डरा हुआ होता है 
कोई शक्तिमान साबित करता है अपने को तो वह कमजोर होता है 
जो गरीब होता है वह शान दिखाता है 
क्योकि सत्य यह है 
कि जो दिखाई देता है वह होता नहीं 
सबने एक मुखौटा पहन रखा है दुनिया के सामने 
नहीं तो दुनिया जीने नहीं देगी 
अमीर को कपड़े की परवाह नहीं गरीब को होती है 
उसका मूल्यांकन उससे होता है 
फैशन में पैबंद और अभाव में पैबंद 
यह अलग- अलग है 
यहाँ तुम्हारी कमजोरी का ढिंढोरा पीटने और विज्ञापन को लोग तैयार बैठे है 
मसाला चाहिए नमक - मिर्च वे लगा लेंगे 
अपने बोलने का सलीका न हो 
तुम.में मीन-मेख निकाल लेंगे 
हम बाहुबली 
हम ही श्रेष्ठ 
हमसा कोई नहीं 

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