Friday, 10 July 2026

नींव मजबूत हो

न प्यार से रहना 
न छोड़कर जाना 
ऐसे संबंध को क्या कहना 
कहना कुछ करना कुछ 
कभी नजदीक का एहसास 
कभी देखकर अनदेखा 
कैसा जाल संबंधों का 
लगता है जकड़ लिया है 
न उनके साथ न उनसे दूर
संबंध ऐसे तो न हो 
उलझा हुआ 
जो भी हो मन से हो 
जबरदस्ती लादा न गया हो 
जिम्मेदारी निभाने की मजबूरी न हो 
नींव मजबूत हो 
तभी टिक पाएंगे 
अन्यथा भरभराकर गिरने में पल भी नहीं 

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