दीपावली में सब जगह प्रकाश हो
असली प्रकाश मन में हो
तब ही वह दीपावली सही मायनों में दीपावली
दीपावली में मिठाइयों की बहार हो
असली मिठास वाणी में हो
मन को सराबोर कर दे
तब ही वह दीपावली असली दीपावली
दीपावली में रंगोली रंग-बिरंगी हो
असली रंग प्रेम का हो
स्नेह और सौहार्द्र का हो
तब ही वह दीपावली सही मायनों में दीपावली
दीपावली में आम्र पत्तों का तोरण हो
गेंदें की फूल की खुशबू हो
असली मिलाप अपनेपन का हो
मन की कटुता भूल एक - दूसरे से मिले
नया सब शुरू करें
तब ही दीपावली सही मायनों में दीपावली
अंदर - बाहर सब जगह प्रकाश हो
घर में मन में उजाला हो
खुशियों की भरमार हो
सब जगह प्रकाश का साम्राज्य हो
सारे भेदभाव भूलकर
आतिशबाजी जलाएं
घर ही नहीं
परिवार, समाज ,देश को भी प्रकाशित करें
Hindi Kavita, Kavita, Poem, Poems in Hindi, Hindi Articles, Latest News, News Articles in Hindi, poems,hindi poems,hindi likhavat,hindi kavita,hindi hasya kavita,hindi sher,chunav,politics,political vyangya,hindi blogs,hindi kavita blog
Friday, 5 November 2021
सही मायनों में दीपावली
वह मिठास कहाँ
आज सुबह से आस लगाए बैठी थी
कोई आएगा मिलने
हर रोज तो नहीं सोचते हैं
हाँ त्योहार के समय जरूर याद आती है
मेहमान आए
अडोसी - पडोसी आए
एक - दूसरे को शुभेच्छा दे
हाॅल व्यवस्थित कर दिया
नए-नए परदे लगा दिए
कुछ सजावट भी कर दी
फूलों की पंखुड़ियो को कांच के बाउल में पानी रख सजा दिया
हर रोज तो घर की नाईटी ही या कोई पुराने हल्का कपडा पहन लिया
आज जरा ढंग के पहने
बालों पर भी कंघी कर ली
अन्यथा रोज तो शीशे में चेहरा भी नहीं देखते हैं
सब तैयार हो बैठी
ट्रे में मिठाई और ड्राइ फ्रूट भी रख दिए
गुझिया और चकली भी बना ली
घर को महकाना जो है पकवान से
घर तभी घर लगता है
अन्यथा बाजार में सब उपलब्ध है
एक समय था
जब सब पडोसी इस दिन एक - दूसरे के घर जरूर जाते थे
साल मुबारक कहने
बच्चों की धूम रहती थी
जवान भी टोलियाँ बनाकर आते थे
देखते- देखते सब चट हो जाता था
बादाम- काजू तो बचते ही नहीं थे
मुठ्ठी में भर लेते थे
अब तो कौन आ रहा है
व्हट्सप और फेसबुक तो है ही
उसी से शुभकामनाएं दे दी
पकवान का चित्र भी भेज दिया
सबेरे कौन उठेगा
जाने की जहमत कौन लेगा
बाहर वालों की बात तो छोड़ो
घर वालों को भी फुरसत नहीं
तब वह पहले वाली बात कहाँ रही
वह मिठास न अब संबंधों में रही
न मिठाई में न त्योहार में
सभी को नूतन वर्ष की शुभकामना
दीपों के प्रकाश में सभी का जीवन उज्जवल हो
फूलों की खुशबू से घर - आंगन महके
कुछ खट्टी कुछ मीठी यादें साथ हो
जीवन का हर रंग खूबसूरत हो
भविष्य की आकांक्षा भी उत्कर्ष पर हो
नदी की कल - कल धारा की तरह प्रेम की सरिता लहराए
लहर लहर कर हर खुशी द्वार पर दस्तक दे
नया साल , नया पर्व, नयी योजना
साल भर तक प्रकाशित रहें
अगली दीपावली तक खुशियों का डेरा रहें
धन - धान्य और माता लक्ष्मी का वास हो
भगवान धनवंतरि की कृपा हो
अच्छा स्वास्थ्य अच्छा आचार हो
जीवन है तब तक आस है
सभी को नूतन वर्ष की शुभकामना
Thursday, 4 November 2021
Happy Dipawali
दिल से दिल मिले
ज्योत से ज्योत मिले
मन में प्रेम खिले
आई है दीपावली
दीपोत्सव मनाइए
खुशियाँ बाटिए
अपनों के संग
परायों के संग
बच्चों के संग
बूढो के संग
सराबोर हो जाए प्रकाश के रंग में