Sunday, 6 March 2022

गुलाब

गुलाब फूलों का राजा है लेकिन याद रहे उसने कांटों का ताज पहन रखा है । कांटो में रहकर मुस्कराता यह पुष्प 
कहता है आसानी से कुछ नहीं मिलता । अपने को निखारने के लिए बहुत कुछ सहना और झेलना पडता है
अथक परिश्रम तब जाकर मंजिल हासिल होती है

Wednesday, 2 March 2022

वह बचपन

न बैट न बाॅल
न कोई मंहगा खेल
पत्थर और मिट्टी संग खेल रहे हैं
यह बाल गोपाल
ओठों पर है मुस्कान
मस्ती में भरपूर
यह है बच्चे शैतान
आ गया अपना भी बचपन याद
जब धागे में पत्थर बांध उछाला करते थे
पत्थर से गोटी गोटी खेलते थे
जिद आने पर जमीन पर लोट जाते थे
निश्छल बचपन भोला बचपन
अब समझदार हो गया
जिंदगी की आपाधापी में सब कुछ भूल गया

झुकना भी एक कला है

जो झुका वही फैला
जो तन कर खडा रहा
वह अपने में सिमटा रहा
विस्तार और विकास 
तब होगा जब 
लीक से अलग कोई होगा
अपनी शोहरत को पाना है
तब विस्तार करना होगा
उसके लिए कभी झुकना कभी टूटना 
जब तक जीवन में झुके नहीं
तब तक कुछ मिले नहीं
अपने ही दायरे में सिमटा रहना
यह तो कोई बडप्पन की बात नहीं
सीधा तना खडा वह तूफान नहीं झेल सकता
जो लचीला झेल पाएंगा
थोड़ी देर के लिए इधर - उधर 
फिर अपनी जगह पर
जो लचीला रहा वह टिक गया
जो तना रहा वह ज्यादा नहीं टिका
समायोजन ही जिंदगी का दूसरा मकसद है
जो नहीं किया वह मिट गया

Tuesday, 1 March 2022

जय बाबा भोलेनाथ । हैपी महाशिवरात्रि

आज महाशिवरात्रि है
देवो के देव महादेव का दिन है
बाबा भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने का दिन है
शिव पार्वती की उपासना का दिन है
डमरू वाले और जटाधारी का दिन है
भस्म मले धुनी रमाए बाबा का दिन है
अधखुली ऑखों से सारे संसार को देखने वाले बाबा विश्वनाथ का दिन है
गले में विषधर नाग और सर पर शीतल चंद्रमा धारण करने वाले योगी का दिन है
जटा में गंगा मैया को समेट कर रखने वाले का दिन है
सब छोड़ कैलाश पर्वत पर वास करने वाले का दिन है
औघड़ साधुओं और भूतो के नाथ का दिन है
भोले तो है पर संसार को भस्म करने वाले त्रिनेत्र का दिनहै
अपने भक्तों पर असीम कृपा बरसाने वाले
भांग धतूरे से प्रसन्न होने वाले 
नंदी के स्वामी का दिन है
गणेश और कार्तिकेय के पिता पार्वती पति का दिन है
तब आइए बाबा भोलेनाथ की भक्ति में रम जाय
आज के दिन उनकी शरण में आ जाय
अपने जीवन का कल्याण कर ले
उनकी कृपा और आशीर्वाद प्राप्त कर ले
सभी को महाशिवरात्रि की शुभकामना