Thursday, 26 March 2015

Good Morning....INDIA !!!


देर से उठना, देर से सोना,
युवा पीढ़ी में फैशन बन गया है।

Monday, 23 March 2015

किताब और जिंदगी


पढ़ना - लिखना, खेलना - कूदना, मौज - मज़ा,
बचपन के वे दिन भी क्या दिन थे,

Tuesday, 17 March 2015

जिंदगी खेल का मैदान


जीवन खेल का मैदान,
हर व्यक्ति खिलाड़ी यहाँ।
कमजोर पड़ा जो, वाही हारा यहाँ।

Monday, 16 March 2015

परीक्षा से इतना डर क्यों ?


परीक्षाएँ शुरू, अभिभावक परेशान,
बच्चे बदहवास, रातों की नींद हराम,
क्यों परीक्षा को हौआ बना दिया है ?

परीक्षा और शिक्षा जिंदगी में आगे बढ़ने की सीढ़ी जरूर है,
पर जिंदगी तो नहीं।

फेल होने के डर से जान देनी पड़े,
उस परीक्षा का क्या फायदा।

जिंदगी तो हमेशा इम्तिहान लेती है, और सिखाती है।
पहली सीढ़ी पर चढ़ना है पर उसे अंतिम सीढ़ी नहीं बनाना है।