अपनी मांगे रखना
विरोध करना
ये प्रजातंत्र में सबका हक है
हां मर्यादित आचरण जरूर हो
गाली - गलौज यह ठीक नहीं है
वह भी अपने प्रधानमंत्री के लिए
देश के मुखिया हैं वे
उम्र दराज भी हैं
इस नाते भी आदरोचित संबोधन होना चाहिए
किसी की मां के लिए अपशब्द
पुलिस कर्मियों से मारपीट
तोड़ - फोड़ , उपद्रव
यह भी तो उचित नहीं है
जेन जी को अभी बहुत कुछ करना है
क्रांति के जनक हैं वे
उसका एक तरीका भी हो
मोहनदास करमचंद गांधी से अच्छा उदाहरण कौन हो सकता है
हिंसा - गाली-गलौज यह क्या है ??
उग्रता ठीक है और स्वाभाविक भी है
होता है
नौजवान हैं जोश है
जोश में होश नहीं खोना है