Monday, 29 June 2026

मानव हैं ही ऐसा

अच्छा या बुरा ??
कोई भी हो सकता है 
यह मापने का पैमाना नहीं है 
किसी भी रिश्तें में कोई कैसा भी हो सकता है 
बर्ताव कर सकता है 
लालच में आ सकता है 
धोखा दे सकता है 
स्वार्थी हो सकता है 
यहाँ तक कि जान ले सकता है 
विश्वास किस पर करें ??
यह संसार है 
यहाँ सब संभव है 
अपने ही खून के प्यासे हो जाते हैं
अजनबी भी दुश्मन बन जाते हैं 
मां कुमाता हो जाती है 
भाई हत्यारा बन जाता है 
पिता त्याग देते हैं 
औरत चांडालनी बन जाती है 
कब क्या हो 
कब कौन बदले 
बड़ी अनिश्चितता है भाई 
वह सब हो रहा है 
यह भी कोई नई बात नहीं 
सदियों से ऐसा ही है 
इतिहास गवाह है 
सत्ता के लिए 
औरत के लिए 
संपत्ति के लिए 
धर्म के लिए 
युद्ध हुए हैं 
नरसंहार हुए हैं 
मानव हैं ही ऐसा 


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