Sunday, 2 August 2020

हम है भाई-बहन

कैसा नाता है यह
मन में प्यार
बाहर तकरार
बडा जो हुआ तो उसका रौब
हुक्म चलाना
आदेश देना
हर गतिविधि पर नियंत्रण
जैसे वह बडा भाई बहन न हो
माँ बाप हो
डाट फटकार
लडना झगड़ना
उसमें भी छिपा गजब का प्यार
बडा हमेशा बडा ही रहता
छोटा कितना भी बडा हो जाय
छोटा ही रहता हरदम
भाई को बहन कुछ भी बोले
वह स्वीकार
पर दूसरा कोई कुछ कहें
वह नहीं बर्दाश्त
सारे जहां की खुबिया
नजर आती है भाई में
मन में हमेशा याद
सामने पडने पर कुछ और
अजीब सा नाता
जो दिखता है
वह होता नहीं
उम्र बढ जाती है
पर इस रिश्ते की उम्र
वही बरसों से एक ही जैसी
आज भी वही पहले वाली बात
स्वभाव सबके लिए भले बदल जाय
पर इस रिश्ते में ठहराव
वह नहीं बदलता
जो बदल जाय
तब तो औपचारिक है
यह रिश्ता तो ओरिजनल है
जो है जैसा है
वह हमें प्रिय है
हम कोई और नहीं
भाई - बहन है

वही तो आपका दोस्त है

दोस्ती में नफा नुकसान नहीं होता
दोस्त कैसा भी हो
अच्छा या बुरा नहीं होता
दोस्त बस दोस्त होता है
दोस्त बनाना नहीं पडता
बन जाते हैं
जिससे मन मिल जाएं
जिसके सामने दिल खोलकर रख दे
जिस पर अपनी नाराजगी जाहिर करें
जिस पर अधिकार जताए
जिसकी खुशी में खुश
गम में गमगीन
जिसको कभी भी आवाज दे
वह दौड़ा चला आए
जिसके घर का दरवाजा हमेशा खुला रहे
जिसके साथ सहज रहे
कुछ न छिपाना पडें
आप हर रूप में उसे स्वीकार हो
आपकी गलती भी उसे नागवार न लगे
वही तो आपका दोस्त है

Saturday, 1 August 2020

प्रभु का धन्यवाद

क्या यही काफी नहीं है
आज सुबह आपकी ऑख खुली
एक बहुमूल्य जीवन मिला
ईश्वर की इतनी बडी कृपा
लोग जीवन गंवा रहे हैं
सांस आ और जा रही है
दुआ मांग रहे हैं
अपने दूर हो रहे हैं
अपनों को खो रहे हैं
लाचार और मायूस है
उनके पास तक नहीं जा सकते
स्पर्श नहीं कर सकते
सर पर हाथ नहीं फेर सकते
दो पल बात नहीं कर सकते
अंतिम बिदाई नहीं दे सकते
सब जगह भय ही भय
मन डरा हुआ
प्रकोप का साया हर पल साथ साथ
ऐसे समय में जो सांस चल रही है
जीवन ऑख खोल रहा है
सुबह का सूरज देख रहे हैं
यह बहुत बडा सौभाग्य
सूर्य को प्रणाम करें
दुआ मांगे
हर किसी को यह सुहावनी सुबह का दर्शन हो
हर दिन नया
जीवन भी नया
उसका स्वागत करें
हाथ जोड़ प्रभु का धन्यवाद करें ।

Beautiful Message By Swami Vivekananda

Beautiful Mesaage BY SWAMI VIVEKANANDA..

1. When BHAKTI enters FOOD,
"FOOD becomes PRASAD"

2 . When BHAKTI enters WATER,
"WATER becomes AMRITA"

3 . When BHAKTI enters TRAVEL,
"TRAVEL becomes a TEERTHA"

4 . When BHAKTI enters MUSIC,
"MUSIC becomes KIRTAN"

5 . When BHAKTI enters a HOUSE,
"HOUSE becomes a TEMPLE"

6 . When BHAKTI enters ACTIONS,
"ACTIONS become SEWA"

7. When BHAKTI enters in WORK,
*WORK becomes KARMA",

AND;

8 . When BHAKTI enters a MAN,
"MAN becomes  HUMAN"

This is VIVEKANANDA, a true desciple, a real Guru and a great philosopher.
Jai shree Krishna.

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