Saturday, 14 September 2024

दर्द

हर दर्द की अपनी एक कहानी है
कोई कह देता है
कोई सह लेता है
दर्द का कभी हमराज बन देखो 
हर हंसती हुई ऑख में पानी है 
सबके दर्द है अपने अपने 
कोई पाकर रोता है 
कोई खोकर रोता है 
बस एहसास करो 
मत कुछ बोलो 
सुन लो उसकी कहानी 
उसकी ही जबानी 

Thursday, 5 September 2024

हे गुरु । शत शत नमन

तुम तो गुरु हो 
हमारा गुरुर हो 
हम नादान 
तुम कहां इससे अंजान 
तभी तो हमारी हर गलती को करते तहे दिल से माफ
तराश कर तपा कर 
हमें मिट्टी से सोना बनाते 
आकार देते , संवारते
हम अक्सर  दुविधाग्रस्त रहते 
उसमें से तुम हमें निकाल एक अच्छा इंसान बनाते 
कहीं भटक ना जाए हम
इसका भी ख्याल रखते 
कहने को तो यह कुछ समय का नाता 
रहने को सारी उम्र साथ रहता 
जो कुछ सीख  मिली 
उसी का नतीजा 
हम सफलतापूर्वक  जीवन का हर सफर तय करते रहें
आशीर्वाद बना रहें 
आपको शायद हम याद रहें ना रहें 
हमें आप हमेशा याद रहेगें 
क ख ग का ककहरा सीख 
आज हम जीवन जीना सीख गएं 
हम क्या कुछ ना बन जाए 
हर बनने में आप ही तो 
अंजाम से अंजान
मानते हैं 
तुमसे ही तो भगवान 

Wednesday, 4 September 2024

कर्ज

किश्तों - किश्तों में रिश्ते टुट रहे 
उनका कर्ज भी किश्तों में ही 
एक किश्त भरी नहीं कि दूसरी चढ़ गई 
हम ब्याज चुकाए जाते रहें
जिंदगी भर्ती रही कर्ज 
कब यह सिलसिला शुरु हुआ 
हम समझ ही ना पाए
जब तक समझ आया 
बहुत देर हो चुकी थी 
हम तो समझ ना पाए 
दूसरे समझ दारी में आगे निकल गए 

Monday, 2 September 2024

अकेले

मैं जिंदगी भर भटकता रहा
कुछ पाने के सुकून में
इस शहर से उस शहर
एक घर की तलाश में
एक छत हो सर पर
उसके नीचे खुशियो का आलम हो
छत तो मिली 
खुशी फिर भी ना मिली
घर तो बना 
उसमें रहने वाले ना रहे 
हम फिर अकेले ही रह गए