Tuesday, 9 September 2025

मन तो मन है

अलविदा कहना होगा 
यह सोचा न था
जिसको जी जान से चाहा 
उससे अलगाव कैसे
करना पड़ा 
मजबूरी थी 
आज भी मन उसी जगह है 
जहाँ कभी छोड़ा था 
आसान नहीं होता 
कहने को तो अलविदा 
लेकिन सच में कभी हुआ ही नहीं 
जुड़ा है मन अभी भी 
मन तो मजबूर है 
कहना नहीं मानता 
समझाया पर समझता नहीं 
मन तो मन है ना 
उस पर तो वश नहीं 

Monday, 8 September 2025

International साक्षरता दिवस

दोस्त बना लो इनको 
कभी साथ नहीं छोड़कर जाएंगे 
हर सुख - दुख में साथ निभाएंगे 
आंधी-तूफान का सामना करने की हिम्मत देंगे 
संघर्षों में हार न मानने का हौसला देंगे 
जीवन पथ पर अग्रसर होने में मदद करेंगे 
इनको न कोई छीन सकता है 
न चुरा सकता है 
यह हमेशा साथ रहेंगी 
यह किताबें हैं 
यह शिक्षा है 
सबसे बड़ा धन है 
इसके साथ हो जाएं 
आपके और आपके परिवार का उद्धार हो जाएंगा 
जिसने इसकी कीमत पहचान ली 
उसने स्वयं को जान लिया 
नाता जोड़ लो 
जीवन सार्थक कर लो 

Sunday, 7 September 2025

राधे - राधे

सारा ब्रह्मांड मुझे तकता है राधा 
मैं तो केवल तुम्हें तकता हूँ 
तुम्हारे बिना तो मैं पूरा क्या आधा भी नहीं
तुम तो मेरे मन मंदिर में बसी 
तुम्हारें बिना तो कान्हा का जीवन रहा अधूरा 
संसार के स्वामी की स्वामिनी प्रिया 
बस हमेशा दिल में जलाएं रखना प्रेम का दिया
मैं तो चक्कर लगाता रहा 
तुम तो गोकुल में बैठी रही
वहीं से देखती रही 
मैं क्या इतना मजबूर 
आ न सका कभी फिर तुम्हारें समक्ष 
ईश्वर बना प्रियतमा को छोड़
कर्म का संदेश 
धर्म का निर्वाह 
सब कुछ करता रहा 
सामर्थ्य शाली था 
बस एक मलाल रह गया 
अपनी राधा को रानी न बना सका 
दिल में रखा साबित न कर सका 
तुम तो ज्यादा मजबूत 
तभी तो सबको अपने प्रेम के आगे किया नतमस्तक 
कथा मेरी और नाम अंत में तुम्हारा लिया जाता 
राधे राधे राधे राधे 

Wednesday, 3 September 2025

फसाना जिंदगी का

जिंदगी भी स्टेशन जैसी 
कभी गाड़ी का इंतजार करते रहे 
वह समय पर न आई
कभी वह आई तो हम लेट हो गए 
कभी इतनी भीड़ कि 
हम चढ़ न सके 
कभी ट्रैफिक में अटक कर छूट गई 
कभी बारिश- तूफान की 
कभी टिकट न मिला 
हम तो सोचते रह गए 
बैठे ही रह गए 
सामने से ही सीटी देती निकल गई 
हम हसरत भरी निगाह लिए 
हर मोड़ पर ताके 
वह शायद हमारे नसीब में ही न थी 
वह गुजरती रही 
दिन भी गुजरते रहे
उम्र भी बढ़ती रही 
अब न पकड़ने की ताकत बची
अब न भीड़ में जाने की हिम्मत 
अब तो बस इसी तरह रहना है 
यही जिंदगी का फसाना है 
कभी रोना कभी हंसना है