Saturday, 22 April 2017

धरती मॉ का करे सम्मान

धरती माता है ,जननी है ,जीवनदायिनी है
कितना कुछ दिया हमें
कितना नखरे उठाए हमारे
हम उसको छलते रहे
वह हमारी हर मांग पूरी करती रही
हमने विकास के नाम पर उसको छलनी कर दिया
उसने उफ तक न की
सहनशक्ति की भी सीमा होती है
हमने जंगल काटे
समुद्र और नदियों को पाटा
हरी- भरी वसुधंरा को विरान कर दिया
सब जीव तो उसी के बेटे है
फिर वह पक्षपात कैसे सहती
पशु - पक्षी  ,जंगल सब पर प्रहार
उसका सबसे प्रिय पुत्र मानव ,इतना निर्दय
इतना स्वार्थी ????
अपनी ही जननी को नुकसान
पर अगर मॉ ने अपना प्रंचड रूप धारण कर लिया
तब तो पूर्ण विनाश
समय है अभी से चेत जाओ
प्लास्टिक मुक्त
बिजली का दुरूपयोग मत करो
और जननी को बनाओ
सुंदर  और सम्मान जनक
स्वच्छता रखो और माता का ख्याल रखो
वह है तभी तुम हो

Tuesday, 4 April 2017

Happy Ram navmi

राम का पूरा जीवन ही त्रासदीपूर्ण रहा। इसके बावजूद लोग राम की पूजा करते हैं। राम की पूजा इसलिए नहीं की जाती कि हमारी भौतिक इच्छाएं पूरी हो जाएं। बल्कि राम की पूजा हम उनसे यह प्रेरणा लेने के लिए करते हैं कि मुश्किल क्षणों का सामना कैसे धैर्य पूर्वक बिना विचलित हुए किया जाए। राम ने अपने जीवन की परिस्थितियों को सहेजने की काफी कोशिश की, लेकिन वे हमेशा ऐसा कर नहीं सके। उन्होंने कठिन परिस्थतियों में ही अपना जीवन बिताया, जिसमें चीजें लगातार उनके नियंत्रण से बाहर निकलती रहीं, लेकिन इन सबके बीच सबसे महत्वपूर्ण यह था कि उन्होंने हमेशा खुद को संयमित और मर्यादित रखा।
HAPPY राम नवमी

Friday, 17 March 2017

आजकल गधे चर्चा में

बचपन में धोबी और गधे की बहुत सी कहानियॉ सुनी और पढी है
पर इतनी चर्चा में गधे कभी नहीं रहे
जब किसीकी बुद्धि पर सवाल उठाना होता है तो यह सुनने में आता है
यह तो गधा है या गधी है
पर इस बार के चुनाव में गधे भी एक मुद्दा बने
किसने किसको गधा बोला या लक्ष्य साधा
गधे से काम कैसे लेना है
गधा क्या- क्या करता है
कितना मेहनती होता है
कितना शॉत और धीरज धर काम करता है
अपने मालिक का वफादार रहता है
उससे संबंधित धोबी समाज ने भी इसका विरोध किया
गधे का अपमान हुआ
पर आज तक गधे के नाम पर कितनों का अपमान हुआ होगा
हर व्यक्ति ने कम से कम बार एक बार तो यह सुना ही होगा
अब पहली बार यह प्रकाश में आया है
इसकी सुध ली गई है
इसे भी एक पशु तो समझा गया है जिसकी भी कुछ विशेषताएं है
आज वह गधा केवल धोबी समाज का नहीं
भारत जैसे राष्ट्र का हो गया है
कम से कम नेता अपनी आड में किसी पशु का अपमान मत करे
इसमें उनका ही नुकसान होगा

Life????

School Name: *LIFE*

Class: *40th Standard*

(All students are above 40 years)

*ANGER* - Present sir
*EGO* - Present sir
*STRUGGLE* - Present sir
*ENVY* - Present sir
*REGRET* - Present sir
*ANXIETY* - Present sir
*BOREDOM* - Present sir

*DESIRES* - Present sir (in full volume)

*FRUSTRATION* - Present sir
*IRRITATION* - Present sir

*MONTHLY EMI* - Present sir (in full volume)

*OFFICE TENSION* - Present sir
*FUTURE TENSION* - Present sir
*TROUBLE* - Present sir
*HURDLES* - Present sir
*WORRIES* - Present sir
*PROBLEMS* - Always Present sir
*UNCERTAINTIES* - Present sir
*CRITICISM* - Present sir
*GREED* - Present sir
*ARROGANCE* - Present sir
*HALF KNOWLEDGE* - Present sir

*HAPPINESS* - ??? (no sound)
*HAPPINESS* - ???
*HAPPINESS* - Absent sir

*PEACE OF MIND* - Absent sir
*CONTENTMENT* - Absent sir
*FULL KNOWLEDGE* - Absent sir
*WISDOM* - Always on the way, stopped by Ego
*LOVE* - Sleeping/Missing sir
*Hope* - Leaving sir
*PATIENCE* - Lost sir
*GENEROSITY* - Lost sir
*HONESTY* - Lost sir
*TRUST* - Lost sir
*LOYALTY* - Lost sir

*CLASS TEACHER:* In life, there is nothing called sadness. Either Happiness is Present or Happiness is  Absent.

Life is very simple to live, but many find it difficult to be simple.

*MAKE IT SIMPLE!*
Have a fabulous Life
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Brilliant words: *"The amount of money that's in your bank at the time of death, is the extra work you did which was not necessary"* 😊.       Unknown