Wednesday, 27 October 2021

वह जीवन ही क्या

वह फूल क्या जिसमें कांटे न हो
वह डगर क्या जो पथरीली न हो
वह नदी क्या जिसमें भंवर न हो
वह मौसम क्या जिसमें झंझावात न हो
वह बिजली क्या जिसमें कडकडाहट न हो
वह सपने क्या जिसमें उडान न हो
वह मंजिल क्या जो कठिन न हो
वह जीवन क्या जिसमें संघर्ष न हो

कंकरीली पथरीली राहों पर चलना है
हर राह को आसान बनाना है
कितनी भी मुश्किल हो डगर
कितना भी ऊंचा हो पहाड़
चढना तो तब भी है
नीचे बैठ दृश्य नहीं देखना है
तैरना न आए कोई बात नहीं
नदी में उतर जाइए
हाथ पैर मार कर तो देखो
क्या पता किनारा मिल ही जाए
जो डरा वह कुछ नहीं कर पाया

Happy Dipawali

मन में खुशियों के दीप जगमगा रहे
प्यार की फुलझड़िया छूट रही
दिल गुनगुना रहा है
सब कुछ रंगबिरंगा लग रहा है
रोशनी दिलों में छायी है
खुशियों का संदेश लेकर दीपावली आई है
लक्ष्मी जी की कृपा बरसे
घर धन धान्य से परिपूर्ण हो
सुख समृद्धि का वास हो
यही शुभकामना हमारी तरफ से
  आप सभी को
Happy  Dipawali

Tuesday, 26 October 2021

प्रेम में भी आतंक वाद

हमारी गलती नहीं थी
फिर भी हमने माफी मांगी
तुम्हारा दिल इतना बडा न था
गलती तो तुम्हारी
माफी भी न पाएं हम
स्वयं को हमेशा सही
तुम गलत हो ही नहीं सकते
हर बार गलती तुम करों
माफी हम मांगें
यह तो उचित नहीं
माफ करना तुम्हारी फितरत में नहीं
हम तो सही है यह सोच
सही तो हम हैं
हमें रिश्ता निभाना है
तभी तो झुक जाते हैं
तुम तन जाते हो
सोचते हो कि तुम्हारी जीत हुई
कोई तुम्हारे सामने गिडगिडा रहा है
झुक रहा है
अपने आत्म सम्मान को ठेस पहुंचा रहा है
तब वैसा सम्मान नहीं रहेगा तुम्हारे प्रति
न ही वह भावना रहेंगी
यहीं  तो तुम हार रहे हो
झुकाना है तो प्रेम से झुकाओ
जबरदस्ती और जिद से नहीं
यह भी एक आतंक वाद ही है
तुम भी किसी आतंक वादी से कम नहीं।

एक गलत निर्णय

जीवन अपना तो न्यायाधीश भी हम ही
सबको सुने पर निर्णय स्वयं ले
जिरह सुने वकील की तरह
तर्क - वितर्क करें
फैसला भी उन्हीं की तरह
सबकी सुनो करो अपनी
जीवन अपना तो निर्णय भी अपना
पर सुनो जरूर
सोचो - विचारों
मंथन करो
वक्त लो
तारीख पर तारीख भले ही निकले
सोच - समझ कर ही कदम उठाना
अन्यथा एक गलत निर्णय जीवन ही बदल डालता है