अच्छी नौकरी
बड़ा घर
मोटर - गाड़ी
आधुनिक सुख - सुविधा
बड़ा बैंक बैलेंस
तब भी खुशी नहीं
कुछ रिक्तता
इसी को भरने में व्यक्ति लगा रहता है
विश्वास करता है
धोखा खाता है
एक मन होता है
उसको साथ चाहिए
प्यार चाहिए
दौलत से दिल का सुकून नहीं खरीद जा सकता
प्यार की तलाश में भटकन जारी है
कोई महलों में रहकर खुश नहीं
कोई सड़क पर रह खुश
आज जो घटनाएं हो रही है
वह चिंताजनक हैं
अकेले रहो आराम से रहो
शादी मत करो
ठीक भी है
शादी का अर्थ बर्बाद होना नहीं होता
घुट - घुट कर जीना नहीं होता
ताउम्र कम्प्रोमाइज करना भी नहीं होता
अपना अस्तित्व समाप्त करना भी नहीं होता
पर करें क्या
अकेला जीवन भी कोई जीवन नहीं होता ??
किसी ने एक बार कहा था
पांच बच्चों से परेशान भले ही हूँ पर बांझ तो नहीं हूँ
पति भले दारूबाज है पर विधवा तो नहीं हूँ
मारता - पीटता है पर खाना और छत भी वो ही देता है
यह तो भावना अनपढ़ और साधारण की
पढ़े - लिखे और आत्मनिर्भर लोगों की
सब इंसान हैं
सबमें दिल है
जो प्यार और अपनापन चाहता है
उसी की तलाश में न जाने क्या-कुछ खोता है
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