Sunday, 12 July 2026

साथ कौन ???

साथ बहुत से चलते हैं 
साथ खड़ा कोई नहीं होता 
हंसते तो बहुत साथ में हैं 
तुम्हारी खुशी में कोई खुश नहीं होता 
दुख में सहानुभूति तो बहुत दिखा देंगे 
कोई तुम्हारें साथ रोने वाला नहीं यहाँ 
दुनिया बहुत मतलबी है 
तुम पर हंसने वाले बहुतेरे मिल जाएगे 
बातें बनाने वाले भी 
यहाँ अकेले ही सब करना है 
कहने को अपने पर कभी काम में नहीं आते 
अजनबी भी कभी-कभार अपनों से ज्यादा हो जाते हैं 
जानते तो सब हैं तुम्हें 
असलियत तो यह है 
कि वह बस ऊपर से 
कोई मन में झांककर देखना नहीं चाहता 
दोस्त तो बहुत हैं कहने को 
दोस्ती निभाना नहीं जानते 
रिश्तेदार तो उससे भी आगे 
रिश्ता कैसे बनाए रखना है 
यह तो उनको भी नहीं मालूम 
बस अवसर की प्रतीक्षा करते हैं 
कब खाने को मिले 
वह बरही हो या तेरही 
खाकर गायब हो जाते हैं 
हैसियत देखने आते हैं 
फिर सब जगह प्रचार करते हैं 
सब मिला कर देखा जाए 
तो दोस्ती- रिश्तेदारी 
सब बेमानी 
सच्ची हो तो अच्छी है 
अन्यथा न हो तो ही ठीक 

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