किसी का समतल तो किसी का उबड़ - खाबड़
यह स्वयं पर नहीं होता
भाग्य पर होता है
आपका जन्म ईश्वर द्वारा निर्धारित है
उसमें आप क्या कर सकते हैं
अपना कर्म आपके हाथ में हैं
मेरे पास क्या
उसके पास क्या
उसे सब कुछ मुझे नहीं
ऐसा प्रश्न आना स्वाभाविक है
आपके पास योग्यता है
आपके पास गुण है हुनर है
यह भी तो मिला है
इसका भी धन्यवाद देना है
आप अपने आप को मजबूत बना सकते हैं
किसी पर निर्भर नहीं
अपना रास्ता स्वयं पार कर सकते हैं बिना किसी के सहारे
सबका जीवन अलग- अलग
किसी की तुलना से क्या लाभ
अपना जीवन सुंदर बनाना
सफल बनाना
यह आपके हाथ में है
जो नहीं है उसे छोड़ दें
जो है उसे मुठ्ठी में कसकर पकड़ लें
सफर सुहावना बन जाएगा
No comments:
Post a Comment