एक समय हम भी थे
फर्क यह था कि तुम बच्चे थे हम तुम्हारी आज की उम्र के थे
25 वर्ष पहले जो बच्चें 15 के थे वे आज 40 के हैं
समय गुजर गया
तुम बड़े हो गये हम बूढ़े हो गये
एक चीज जो नहीं बदली वह हमारा - तुम्हारा रिश्ता
तुम बहुत उन्नति कर लिए होगे
बड़े - बड़े पदों पर कार्यरत होंगे
मां बन गए होगे अपने बच्चों की
सच में बड़े हो गए हो पर
हमारे सामने तो अभी भी वही छोटी सी बच्ची हो
जो शरारत करती थी
गृहकार्य नहीं करती थी
पानी और सु सु के बहाने इधर-उधर चक्कर लगा आती थी
थोड़ा झूठ थोड़ा परीक्षा में नजर फेरते ही हेर - फेर
कोई बहाना कोई फंसाना कोई मजाक
क्या हम नहीं जानते थे
हम अंजान बिल्कुल नहीं क्योंकि हम भी तो उन राहों से होकर गुजरे थे
तुमको ऐसा लगता था कि हम परेशान कर रहे हैं मिस को
ऐसी बात नहीं थी
हमारे पास शिवजी की तरह तीसरा नेत्र भी है
यह अलग बात हम उसे इस्तेमाल नहीं करते
तुम्हारा और हमारा नाता ही ऐसा है
अगर तुम न होते तो हम पढ़ाते किसको
हम न होते तो पढ़ते किससे
हम एक - दूसरे के पूरक है प्रतिद्वंदी नहीं
संसार मे माता - पिता के बाद एक गुरु ही होता है जो उसकी सफलता पर जलन नहीं खुश होता है
सब कक्षा में पास हो गए मतलब वह असल में पास हो गया
गुरु का गुरुर होते हैं छात्र
तुम हमको एहसास दिलाते हो कि हम क्या है
यह एहसान तुम्हारा कि तुमने हमें सबसे ऊंचा बनाया
तुममें से जब कभी किसी को किसी भी माध्यम से देखती हूं
मन में अभिमान होता है
कहती हूँ यह मेरी स्टुडेंट है
आज मिलने का तुम लोगों से मन तो था न हो पाया
खैर कोई बात नहीं
बस इतनी अपेक्षा है
कभी भी किसी भी मोड़ पर मिलना पहचान लेना
बस थोड़ा सा सम्मान दे देना क्योंकि आज जिस मुकाम पर तुम हो उसमें हमारी भी कुछ भागीदारी है
न तुम भूलो न हम भूले
कभी-कभार बीते दिनों को याद कर लेना
अपने बचपन को याद कर लेना हम मिल जाएगे
Good morning misssss........... इस गूंज के साथ
जीवन मे सफल बनो
यही आशीर्वाद हमारा
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