हिन्द के वासी है
सबसे न्यारे हैं
हम वह हैं
जो सर्प की भी पूजा करते हैं
विषधर है यह जानते हुए भी
हमारे शिव तो उसको अपने गले में धारण कर रखे हैं
सबको जीने का अधिकार
सब ही हैं प्रकृति के अंग
सभी का योगदान यहाँ
कोई जीव बेकार नहीं यहाँ
सबकी अपनी महत्ता
दोस्त कहते हैं इसे किसानों का
सर्प को भी मित्र
यही तो हैं हम
हमारी संस्कृति
जब तक हमें कोई छेड़ता नहीं तब तक हम कुछ नहीं करते
छेड़ा तो हम छोड़ते भी नहीं
ऐसे ही तो हैं हमारे नागराज
भोले के गले की शोभा
नमन है तुम्हें
सभी को नागपंचमी की शुभकामना
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