दिन पर दिन यह बंधन मजबूत हो
रिश्तों में मिठास बनी रहे
भाई-बहन के दिल में प्यार बना रहे
ऐसे ही ताउम्र रक्षाबंधन का त्योहार मनाते रहे
कुछ नहीं तो इसी बहाने मिल ले
कुछ कह - सुन ले
बचपन को ताजा कर ले
वह उम्र जो गुजरी है साथ- साथ
उसमें गोते लगा ले
हंस ले मुस्करा ले
गिले - शिकवे कर ले
आया है तो जी भर मना ले
सभी भाई-बहन को शुभकामना
No comments:
Post a Comment