Friday, 31 July 2026

मौसम का मिजाज बदलता है

कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है 
अब धरती माता तप नहीं रही है 
गर्मी से जूझ रहे लोग भी आनंदित हुए 
रात में ऑख खुली 
थोड़ा ठंड महसूस हुई 
चादर जो कितने महीनों से ऐसे ही सिरहाने पड़ा था 
उसको खोल ओढ़ लिया 
मन को सुकून मिला 
इस वर्ष की बेहिसाब गर्मी से बेहाल हो गई थी 
सहन नहीं हो रहा था 
पर क्या करें 
मौसम का मिजाज है 
रात में नींद खुलने पर जल्दी फिर नहीं आती 
विचार उमड़ते - घुमड़ते रहते हैं 
ठंड अच्छी लग रही थी 
गर्मी की तपन भूल गई 
ऐसा ही जीवन है शायद 
कभी बहुत परेशान हो जाते हैं 
कुछ वक्त के बाद वह समय भी निकल जाता है 
तब इतनी याद नहीं रहती 
सुख - दुख आनी - जानी है 
वक्त बदलता रहता है 
ठंड,  गर्म , वर्षा , अंधड़ आते रहते हैं 
चले भी जाते हैं 
उनको जाना ही है 
टिक कर रह नहीं सकते 

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