हम आजाद हैं
हमारा देश आजाद है
यही सबसे बडा उपहार
यह हमारा हम इसके
देश से ऊपर कुछ नहीं
सब कुछ दिया है इसने
तब हमारा भी तो कुछ करना बनता है
देश हमसे ज्यादा कुछ नहीं चाह रहा
अमन और शांति बनाए रखना
विकास की राह में रोड़े न अटकाना
ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाना
स्वच्छता और जल संचयन
एक अच्छा नागरिक
बलिदान नहीं देना है
वह तो देने वालों ने दे दिया
हमें गुलामी से मुक्ति दिला दी
हमें और कुछ करना है
आगे ले जाना है देश को
यह हर किसी की जिम्मेदारी है
रहना है तो करना है
आजाद भारत के आजाद नागरिक
पूरे विश्व में परचम फहराना है
और गर्व से कहना है
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
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Thursday, 15 August 2019
वंदे मातरम्
Wednesday, 14 August 2019
तिरंगे को सलाम
आ गया अगस्त
मन रहा आजादी का जश्न
तैयारी में जुटा भारतवर्ष
कल की सुबह कुछ खास
सब जगह फहरेगा तिरंगा
गीत गूंजेगे देशभक्ति के
हर देशवासी जागरूक
आखिर स्वतंत्रता दिवस है
क्रांतिकारियों को याद करने का दिन है
क्या खास क्या आम
सबका जज्बा है समान
हर राज्य
हर कस्बा
हर गली कूंचे
सब जगह तिरंगा
लाल किला खिल उठेगा
जब प्रधानमंत्री फहराएंगे तिरंगा
हर पार्टी का कार्यालय
यही तो वह है
जहाँ सारे भेदभाव खत्म
कन्याकुमारी से कश्मीर तक
अखंड भारत
सबकी तरफ से तिरंगे को सलाम
Tuesday, 13 August 2019
जख्म जल्दी भरता नहीं
जख्म जो लगे
अभी भी भरे नहीं
कुछ कुछ समय पश्चात
फिर हरे भरे
यह नियति या भाग्य
हम तो भागे जा रहे
पकडने की कोशिश कर रहे
यह छूटा जा रहा
हाथ में आ ही नहीं रहा
कैसे आएगा
जख्म तो जड पर लगे हैं
नासूर बन टहनियों तक पहुंच गया है
उन पर भी प्रभाव
उनका भी पीछा नहीं छोड रही
उन्हें भी पल्लवित पुष्पित होने में रूकावट
जख्म बहुत गहरे हैं
फैलता ही जा रहा
जड भी नहीं काट सकते
तब तो सब खत्म
किसी का किया
किसी को भुगतना
यह भी प्रकृति का नियम
Monday, 12 August 2019
भाग्य का बली
सब कुछ बदल गया
सब लोग बदल गए
सब रिश्ते बदल गए
बस नहीं बदली
एक शख्स
वह है माँ
आज भी उसकी ऑखों में वही ममता
वही चिंता
वही आशीर्वाद
वही प्यार भरा हाथ
सब बदल जाता है
समय की धारा में
बस माँ का प्यार चट्टान की तरह अविचल
उस पर किसी का प्रभाव नहीं
मौसम आए या जाए
बचपन हो या जवानी
या फिर हो अधेडावस्था
माँ की छत्रछाया है जिस पर
वह तो है भाग्य का बली