Thursday, 6 August 2026

यही तो है संसार

सांझ होने की तरफ
सूरज धीरे - धीरे ढलान पर
बहुत समय लग रहा है 
सब इंतजार में हैं 
कब इनका प्रस्थान हो 
आभा कम हो रही है 
जाते - जाते मद्धिम होते जाते हैं 
प्रकाश धीमी गति लेने लगता है 
अंधकार का साम्राज्य घिरने वाला है 
प्रतीक्षारत में सब
कभी प्रकाश का स्वागत 
कभी अंधकार का इंतजार 
इनके बीच में जग डोलता 
कभी उजाला कभी अंधेरा 
जीवन का यही है खेला 
यही तो है संसार 

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