Monday, 14 September 2026

वक्त

सुना है वक्त एक सा नहीं रहता 
बदलता जरूर है 
इस बदलने की प्रक्रिया में न जाने क्या-कुछ छूट जाता है 
कभी - कभी तो ठहर ही जाता है 
यह ठहराव बहुत इंतजार करवाती है 
तब वक्त भी वह नहीं रहता जैसा पहले था 
वक्त की ये भी तो खासियत है 
गया वक्त वापस नहीं लौटता 
अंधकार की सुबह भी निश्चित ही है 
पर उसमें भी ग्रहण लग जाता है 
वक्त हमेशा एक सा नहीं रहता 
पर वक्त पर वक्त भी तो नहीं रहता 

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