Thursday, 3 September 2026

तुम --

तुम जो भी हो लाजवाब हो 
ईश्वर की अनूठी रचना हो 
किसी के जैसे नहीं होना तुम्हें 
अपने आप में बहुत खूब हो 
हर रुप में तुम पूर्ण हो 
नहीं किसी से कमतर हो 
जो भी हो वह हो 
नहीं कोई गिला - शिकवा रखो 
बड़ी अनमोल हो किसी के लिए 
दुनिया की छोड़ो 
अपनी दुनिया में मस्त रहो 

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