हे मेरे भोलेनाथ
मैं क्या तुझको अर्पित करू
हाथ में जल हो मन पवित्र हो
बस अपनी भक्ति का आशीर्वाद देना
अपनी चिंता तुझे सौंप तेरे ही चिंतन में रमू
जीवन धन्य हो जाएगा
मैं क्या तुझसे मांगू
सब कुछ तो है तुझे ज्ञात
नहीं तुझसे कुछ अंजान
आज तक बहुत कुछ दिया आपने
अपनी कृपा बनाए रखना
हे कृपानिधान
मैं अंकिचन
हाथ जोड़कर प्रार्थना है
मेरे परिवार पर रखना
अपनी कृपा अपरंपार
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