Saturday, 29 August 2026

ऐ मेरी सरकार

सबके जीवन में खुशियाँ 
कोई न हो उदास
तुम भी खुश 
हम भी खुश 
यह इतना आसान नहीं 
खुश रहना और रहने देना 
बड़ा ही मुश्किल 
भूल जाता है व्यक्ति 
जहाँ दुख - परेशानी 
समस्या तो वहीं 
सारा समाज जब समानता पर हो
किसी के साथ भेदभाव न हो 
जाति - धर्म- पैसा - ज्ञान 
इन पर किसी प्रकार दवाब न हो 
सबको जीने का हक हो 
स्वतंत्रता हो 
अनुशासन हो 
मानवता हो 
किसी से तुलना न हो 
ऐसी समाज की रचना हो 
वहाँ अपराध कैसे पनपेगा??
न किसी पर दवाब 
सबको मिले रोजगार 
खत्म हो भ्रष्टाचार 
सबको जीने का अधिकार 
यही तो चाहती है यह जनता 
तुमसे सरकार 

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