Friday, 28 August 2026

यह रक्षाबंधन

कहने को तो है धागा 
करता है कमाल 
भूले हुए को याद दिलाता 
भाई-बहन को पास लाता 
गिला - शिकवा भुलाकर 
एक - दूसरे को पास लाता 
कोई हमारा जन्मजात साथी है 
जो सबसे प्यारा सबसे न्यारा 
वह मां जाया है 
रक्त बंधन से बंधा है 
ईश्वर की इच्छा से 
स्वयं का कुछ नहीं 
तोड़ा तो जा ही नहीं सकता 
खुशियों को घर में लाता 
इसी बहाने तो बचपन भी चुपके से दस्तक दे देता 
भूली - बिसरी बातें याद कराने को 
मन में प्रेम का हिलोरे रे 
यह रक्षाबंधन का त्योहार आता 

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